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सारणी-बोरी मार्ग पर बेखौफ दौड़ रहे बिना नंबर के ट्रैक्टर, खनिज विभाग की कार्रवाई महज ‘दिखावा’
आमला अवैध रेत परिवहन: दिनभर बंद रहा आवागमन, टीम के लौटते ही फिर शुरू हुआ खेल; विभाग ने थमाई सिर्फ 2 ट्रॉलियों को पर्ची
आमला । खनिज विभाग द्वारा अवैध रेत उत्खनन और परिवहन को रोकने के लिए किए जा रहे दावे धरातल पर महज खानापूर्ति साबित हो रहे हैं। सारणी-बोरी मार्ग पर लंबे समय से बिना रॉयल्टी और बिना नंबर प्लेट की दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रालियां सरपट दौड़ रही हैं, लेकिन प्रशासन की चुप्पी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर अवैध परिवहन के वीडियो वायरल होने और लगातार मिल रही शिकायतों के बाद, विभाग ने शुक्रवार को फाइलों में कार्रवाई दर्ज करने के लिए मात्र दो ट्रालियों को पकड़कर औपचारिकता पूरी की। आश्चर्य की बात यह है कि जैसे ही खनिज विभाग की टीम क्षेत्र से रवाना हुई, शाम ढलते ही रेत माफिया फिर सक्रिय हो गए और अवैध परिवहन का सिलसिला दोबारा शुरू हो गया।
ग्रामीणों के गंभीर आरोप: ‘विभाग के हटते ही फिर शुरू हो गया खेल’
स्थानीय शिवश्याम माहिते, कुशांक , साहिल मास्के, महीराम नागोरिया सहित अन्य ग्रामीणों ने चर्चा में बताया कि प्रशासन की इस कार्रवाई को नाकाफी और संदेहास्पद बताया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग से रोजाना दर्जनों वाहन अवैध रूप से निकल रहे हैं, लेकिन विभाग ने केवल एक-दो वाहनों पर कार्रवाई कर अपनी पीठ थपथपा ली है। लोगों ने आरोप लगाया कि जब तक खनिज विभाग की टीम मौके पर मौजूद थी, तब तक माफिया के वाहन छिपे रहे, लेकिन टीम के जाते ही आवागमन फिर से शुरू हो गया। ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से विभागीय अधिकारियों और रेत माफिया के बीच सांठगांठ का संदेह जताया है। उनका कहना है कि अगर विभाग वास्तव में गंभीर होता, तो इस मार्ग पर नियमित गश्त की जाती, न कि केवल वीडियो वायरल होने के दबाव में आकर ऐसी खानापूर्ति वाली कार्रवाई।
कार्रवाई को लेकर विभागीय अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार
अवैध परिवहन पर कार्रवाई के संबंध में खनिज अधिकारी भगवत नागवंशी ने बताया कि लंबे समय से सूचनाएं प्राप्त हो रही थीं। इसके बाद सारणी-बोरी मार्ग पर भूमिका देव घाट के पास से रेत से भरी एक ट्रैक्टर ट्राली जब्त की गई, वहीं दूसरी कार्रवाई आमला-बोरदेही मार्ग पर की गई। दोनों वाहनों को जब्त कर संबंधित थानों में खड़ा कराया गया है। नागवंशी के अनुसार, बिना रॉयल्टी रेत परिवहन करने पर दोनों वाहन मालिकों के विरुद्ध नियमों के तहत 31-31 हजार रुपये (कुल 62 हजार) के जुर्माने की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। एवं आगे भी कार्रवाई प्रारंभ रहेगी





