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जल संरक्षण ….गायत्री परिवार और समन्वय समिति ने साईखेड़ा तालाब संवारने का उठाया बीड़ा
आमला । स्वच्छता और जल संवर्धन के साथ मनाई गई बाबा साहेब की 135वीं जयंती; श्रमदान कर ग्रामीणों को दिया पर्यावरण बचाने का संदेश
आमला। भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के पावन अवसर पर आमला क्षेत्र में श्रद्धा और सेवा का अनूठा संगम देखने को मिला। मंगलवार, 14 अप्रैल 2026 को गायत्री परिवार और समन्वय समिति ने बाबा साहेब के सिद्धांतों को अमली जामा पहनाते हुए जल संरक्षण और स्वच्छता का महाभियान चलाया। इस विशेष पहल के तहत ग्राम पंचायत साईखेड़ा स्थित ऐतिहासिक तालाब की साफ-सफाई कर उसे नया जीवन देने का संकल्प लिया गया।
श्रमदान से बदली तालाब की सूरत
गायत्री परिवार के सदस्य, समन्वय समिति के पदाधिकारी और ग्रामीण बड़ी संख्या में साईखेड़ा तालाब पर एकत्रित हुए। हाथ में गैंती, फावड़ा और टोकरी थामे कार्यकर्ताओं ने कड़ी धूप की परवाह किए बिना तालाब के भीतर जमा गाद (कीचड़) और गंदगी को बाहर निकाला। अभियान का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ सदस्यों ने बताया कि जल ही जीवन है और बाबा साहेब हमेशा समाज के उत्थान और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के पक्षधर थे। इसी सोच के साथ जयंती पर केवल औपचारिकता न निभाते हुए धरातल पर कार्य करने का निर्णय लिया गया।
जन-जागरूकता के लिए चलाया अभियान
श्रमदान के साथ-साथ ग्रामीणों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक भी किया गया। गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर और सार्वजनिक चर्चा के माध्यम से बताया कि आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी बचाना कितना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि तालाबों का अस्तित्व खतरे में है, अगर हम आज जागरूक नहीं हुए तो भविष्य में जल संकट गहरा सकता है। स्वच्छता भारत अभियान के तहत तालाब के आसपास के प्लास्टिक कचरे को भी साफ किया गया।
समन्वय समिति ने की एकजुटता की अपील
समन्वय समिति के पदाधिकारियों ने इस अवसर पर कहा कि सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों की सामूहिक भागीदारी से ही बड़े बदलाव संभव हैं। उन्होंने क्षेत्र के युवाओं से अपील की कि वे ऐसे रचनात्मक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित जनों ने तालाब को स्वच्छ रखने और पानी की बर्बादी रोकने की शपथ ली। इस सराहनीय प्रयास की पूरे आमला क्षेत्र में चर्चा हो रही है, जहां लोगों ने जयंती को समाज सेवा के एक नए आयाम के रूप में मनाया।





