खबरवाणी
प्रशासन की बड़ी कार्रवाई …….24 घंटे में रुकने थे दो बाल विवाह; एक महीने में तीसरी सफलता
आमला । बेटी की उम्र में 20 महीने की कमी बनी बाधा: 7 मई को उठनी थी डोली, अब स्कूल जाएगी लाडली; लालढाना में भी प्रशासन ने रुकवाया विवाह
आमला। ग्राम पंचायत जमदेही खुर्द और लालढाना में प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए दो मासूमों का बचपन उजड़ने से बचा लिया। जमदेही खुर्द के ग्राम बड़ा खारी में तो शादी की तैयारियाँ अंतिम चरण में थीं, लेकिन ऐन वक्त पर महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने दस्तक देकर खुशियों के बीच कानून का पाठ पढ़ाया। पिछले एक महीने के भीतर आमला क्षेत्र में बाल विवाह रुकवाने का यह तीसरा मामला है।
मार्कशीट ने खोली पोल 18 की होने में बाकी थे 20 महीने
ग्राम बड़ा खारी निवासी श्रीमती गिनदु बाई परते अपनी बेटी का विवाह आगामी 7 मई 2026 को करने जा रही थीं। घर में मेहमानों का आना शुरू हो गया था, लेकिन इसी बीच परियोजना अधिकारी निर्मल सिंह ठाकुर को गोपनीय सूचना मिली कि कन्या नाबालिग है। जब स्कूल मार्कशीट की जांच की गई, तो चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। बालिका की जन्म तिथि 18 जनवरी 2009 दर्ज है, यानी विवाह के समय उसकी उम्र महज 17 वर्ष 4 माह थी।
अनुविभागीय अधिकारी के निर्देश पर एक्शन मोड में आई टीम
गंभीरता को देखते हुए परियोजना अधिकारी ने तत्काल एसडीएम शैलेंद्र बड़ोनिया और जिला कार्यक्रम अधिकारी गौतम अधिकारी को वस्तुस्थिति से अवगत कराया। एसडीएम बड़ोनिया ने तुरंत टीम को गांव जाकर विवाह रुकवाने और परिजनों की काउंसलिंग करने के निर्देश दिए।
समझाइश का दिखा असर: परिजनों ने खुद कहा- ‘अभी नहीं करेंगे शादी
‘परियोजना अधिकारी निर्मल सिंह ठाकुर के नेतृत्व में सेक्टर पर्यवेक्षक श्रीमती पुष्पा खातरकर और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की टीम बड़ा खारी पहुंची। टीम ने बालिका की माता और परिजनों को बैठाकर समझाया कि नाबालिग उम्र में शादी करना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बेटी के स्वास्थ्य और भविष्य के लिए भी घातक है। लंबी चर्चा के बाद मां और परिजन सहर्ष मान गए और बेटी के बालिग होने तक विवाह टालने का लिखित संकल्प लिया।





