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कलेक्टर के आदेशों का उल्लंघन: खेत में नरवाई जलाने वाले किसान पर बीएनएस के तहत मामला दर्ज।
आमला , क्षेत्र में लगातार समझाइश और प्रतिबंध के बावजूद खेतों में नरवाई (पराली) जलाने का सिलसिला थम नहीं रहा है। इसी कड़ी में आमला तहसील के अंतर्गत आने वाले एक खेत में नरवाई जलाने का मामला सामने आया है, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए आरोपी किसान के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराया है।
साक्ष्यों की मौजूदगी में तैयार हुआ पंचनामा
प्रशासनिक टीम को सूचना मिलने पर पटवारी द्वारा साक्ष्यों की उपस्थिति में मौके का पंचनामा तैयार किया गया। इस पंचनामे और जांच रिपोर्ट को तहसीलदार न्यायालय आमला में प्रस्तुत किया गया। जांच रिपोर्ट के अवलोकन के दौरान यह पूरी तरह स्पष्ट हुआ कि संबंधित किसानों द्वारा खेतों में नरवाई जलाकर कलेक्टर बैतूल के आदेशों का सीधे तौर पर उल्लंघन किया गया है।
इस मामले में विशेष रूप से खसरा नंबर 149/9 के कृषक अंगद (पिता फुसू) द्वारा नरवाई जलाए जाने की पुष्टि हुई है। प्रशासन ने इस कृत्य को पर्यावरण संरक्षण नियमों और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के निर्देशों का गंभीर उल्लंघन माना है।
बीएनएस की धाराओं में अपराध दर्ज, विवेचना शुरू
तहसीलदार न्यायालय आमला द्वारा इस मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी आमला को पत्र जारी किया गया, जिसमें आरोपी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे।
तहसीलदार के निर्देशों के बाद आमला थाना पुलिस ने मामले की प्रारंभिक जांच की। जांच के उपरांत प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर आरोपी अंगद पिता फुसू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 (बी) एवं 287 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस द्वारा मामले की विस्तृत विवेचना शुरू कर दी गई है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने एक बार फिर किसानों से कड़ी अपील की है कि वे खेतों में नरवाई बिल्कुल न जलाएं। इससे न केवल पर्यावरण प्रदूषित होता है और भूमि की उर्वरा शक्ति नष्ट होती है, बल्कि ऐसा करना कानूनी रूप से भी दंडनीय अपराध है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आगे भी इसी तरह की सख्त दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।





