Home trending Van Vibhag : वन विभाग के बिल्डिंग निर्माण में हो रहा जप्त...

Van Vibhag : वन विभाग के बिल्डिंग निर्माण में हो रहा जप्त रेत का उपयोग

8 घनमीटर रेत जब्त की थी विभाग ने

भैंसदेही{Van Vibhag} – रेत खनन पर प्रतिबंध लगे होने के बाद भी भैंसदेही में वन विभाग के भवन निर्माण के कार्य में रेत का उपयोग किया जा रहा है। इस रेत के बारे में बताया जा रहा है कि कुछ दिनों पूर्व वन विभाग ने रेत जब्त की थी। और इसका पंचनामा बनाकर पीओआर भी काटा था। रेत जब्त करने के बाद इसे वन विभाग के परिसर में खाली करवाया गया। जहां रेत रखी गई है उसी के पास में वन परिक्षेत्राधिकारी के निवास के लिए भवन बनाया जा रहा है। इस भवन का कार्य पिछले एक साल से चल रहा है और पूर्ण नहीं हुआ है।

जब इस संबंध में दक्षिण वन मंडल के डीएफओ विजया नाथन पीआर से पूछा गया कि जब्त रेत का उपयोग भवन निर्माण में किया जा सकता है तो उन्होंने साफ मना कर दिया कि वह नियम विरूद्ध है। इस संबंध में उन्होंने भैंसदेही वन विभाग के एसडीओ आशीष बंसोड़ को जांच के निर्देश भी दिए थे। सांध्य दैनिक खबरवाणी ने इस संबंध में श्री बंसोड़ से चर्चा की तो उन्होंने बताया कि कंस्ट्रक्शन का मटेरियल अलग डला हुआ है। जिसमें रेत, गिट्टी भी शामिल है। जब्त रेत अलग डली हुई है। दोनों के रेत के ढेर अलग-अलग हैं। जब्त रेत का भवन निर्माण में उपयोग नहीं किया जा रहा है।

एसडीओ और रेंजर में भिन्नता आई सामने

एक तरफ एसडीओ ने श्री बंसोड़ ने बताया कि जो वन परिक्षेत्र अधिकारी का आवास बन रहा है उसके लिए बिल्डिंग मटेरियल अलग डला हुआ है। उसमें जो रेत उपयोग हो रही है वह अलग और जब्त रेत का ढेर अलग है। इस संबंध में भैंसदेही रेंजर अमित चौहान से चर्चा की तो उन्होंने बताया कि भवन निर्माण के लिए जिस रेत का उपयोग हो रहा है उसी रेत के ढेर पर डंपर चालक ने जब्त रेत भी खाली कर दी। अब श्री बंसोड़ की बात सही है या श्री चौहान की यह तो जांच का विषय है। सवाल यह भी है कि अगर पहले से रेत डली थी और उसके ऊपर जब्त रेत डाल दी गई तो इसमें से उपयोग की जाने वाली रेत जब्त रेत ही मानी जाएगी।

नहीं लगा था पहले से ढेर

वन विभाग अपनी गलती पर पर्दा डालने का भरसक प्रयास करने में लगा हुआ है, जबकि हकीकत परत-दर-परत उजागर हो रही है। पहला सवाल यह है कि एक अगस्त को 1 डंपर से रेत खाली करवाई गई। और उसी के पीछे रेत लेकर आ रहे ट्रैक्टर ट्राली को भी पकड़ा गया। ट्रैक्टर ट्राली की जानकारी डीएफओ को दी गई लेकिन डंपर से रेत खाली करने की जानकारी नहीं दी गई। जब यह मामला मीडिया में आया तो बताया गया कि डंप की गई रेत को जब्त किया गया था और उसका पीओआर काटा गया था। अब डंपर से रेत खाली करने वाले व्यक्ति की बात माने तो उसका कहना है कि जहां रेत खाली की गई थी वहां कोई ढेर ही नहीं था। 10-20 तसले रेत जरूर पड़ी थी। जांच का विषय यह भी है कि डंपर में 16 घनमीटर से ज्यादा रेत आई थी और 8 घन मीटर की जब्ती बताई गई।