spot_img
Hometrendingकिसानो की हँसी का तो अब ठिकाना ही नहीं रहा DAP के...

किसानो की हँसी का तो अब ठिकाना ही नहीं रहा DAP के दाम सुनकर किसान ख़ुशी से उछलते हुए एक की जगह खरीद रहे इतनी सारी बोरिया

किसानो की हँसी का तो अब ठिकाना ही नहीं रहा DAP के दाम सुनकर किसान ख़ुशी से उछलते हुए एक कीजगह खरीद रहे इतनी सारी बोरिया,एक तरफ प्रदेश में डीएपी और यूरिया खाद की किल्लत को लेकर किसानों को परेशान होना पड़ रहा है वही सरकार द्वारा खाद की नई कीमतों से किसानों को राहत प्रदान की जा रही है। देश के किसान ही हर इंसान को ऊर्जा प्रदान करते हैं। किसानों के लिये केन्द्र से लेकर राज्य सरकार अनेक प्रकार की लाभदायक योजनाएं चलाती हैं। सरकार द्वारा किसानों को खेती करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसी को लेकर सरकार द्वारा एक बार फिर डीएपी और यूरिया खाद के नए भाव जारी कर दिए गए हैं।

किसानो की हँसी का तो अब ठिकाना ही नहीं रहा ( There is no place left for the laughter of the farmers.)

किसानो की हँसी का तो अब ठिकाना ही नहीं रहा DAP के दाम सुनकर किसान ख़ुशी से उछलते हुए एक की जगह खरीद रहे इतनी सारी बोरिया

रबी की फसलों के लिए एक बार डीएपी और यूरिया के रेट में हुआ बदलाव ( Changes in DAP and Urea rate once for Rabi crops)
वर्तमान में किसानों के लिए खाद के नए भाव जारी कर दिए गए हैं। प्रदेश में रबी की फसलों की बुवाई का कार्य शुरू हो चुका है। ऐसे में रबी की फसलों की पैदावार अच्छी करने के लिए किसानों को खाद की आवश्यकता होती है। किसानों को बोवनी के लिये खाद, बीज की अति आवश्यकता होती है, जानकारी के मुताबिक बता दें कि वर्तमान में खाद की कीमतों में बड़ा बदलाव हुआ है

DAP के दाम सुनकर किसान ख़ुशी से उछलते हुए दिखे किसान ( Farmers were seen jumping with joy after hearing the price of DAP)


नवम्बर महीने के लिए डीएपी और यूरिया के नए रेट जारी किये ( New rates of DAP and Urea released for the month of November)

रबी की फसलों की बुवाई के लिए बेहतर समय अक्टूबर और नवंबर महीने में माना जाता है। इन महीनों में किसान चना, मटर, गेहूं, सरसों अनेक प्रकार की फसल की बोवनी करते हैं। इसके लिए उन्हें सर्वप्रथम खाद, बीज की बहुत जरूरत पड़ती है। वैसे यह सभी जानते हैं कि पिछले वर्ष किसानों को खाद के लिए कितनी मशक्कत करनी पड़ी थी, खाद के लिए किसानों को लंबी-लंबी लाईनों में लगना पड़ा था, तब जाकर उन्हें खाद मिल सका था। लेकिन इस वर्ष ऐसी स्थिति नहीं आयी और खाद पर्याप्त मात्रा में किसानों को मिल रहा है और सरकार द्वारा खाद की कीमतें भी कम कर दी गई है।

एक की जगह खरीद रहे इतनी सारी बोरिया ( Buying so many sacks instead of one)

अब इस रेट में मिल रही है डीएपी और यूरिया की एक बोरी ( Now getting a sack of DAP and Urea at this rate)
सरकार द्वारा प्रति वर्ष रबी की सीजन में खाद की समस्या को देखते हुए सरकार ने इस बार पहले से ही तैयारियां कर ली थी। ऐसे में इस बार किसानों को खाद के लिए कम परेशान होना पड़ रहा है और सरकार द्वारा खाद की कीमतों में कमी भी की गई है ताकि किसानों को हल्की राहत मिल सके। डीएपी खाद की एक बोरी की कीमत अभी 1300 रूपये अंदर चल रही है। जबकि यूरिया खाद की एक बोरी का रेट 250 रूपये से ऊपर चल रहा है। यानि खाद का रेट इस वर्ष सामान्य स्थिति पर है।

Read Also: Sherni Aur Hathi Ki Ladai – हाथी को अकेला पा कर एक साथ 14 शेरनियों ने कर दिया हमला, वीडियो में जो आगे हुआ हैरान करने वाला है  

DAP के दाम सुनकर किसान ख़ुशी से उछलते हुए दिखे किसान ( Farmers were seen jumping with joy after hearing the price of DAP)

Read Also: Govt job: मध्य प्रदेश में होगी इतने पदों पर वन रक्षक भर्ती जाने पूरी डिटेल्स।

इतना दाम हुआ सस्ता जिसके चलते किसानो के चेहरों पर हुई खुशियों से मिली राहत किसान खुश तो जग सुखी

RELATED ARTICLES

Most Popular