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Khule Dam ke Gate : पारसडोह और सतपुड़ा डेम के खोले गए गेट

झमाझम बारिश से उफान पर आए नदी-नाले और डेम

बैतूल{Khule Dam ke Gate} – बारिश ने जिलेवासियों का दिल खुश कर दिया। अभी तक गत वर्ष से पीछे चल रहे बारिश के आंकड़े को जहां झमाझम बारिश होने से आगे हो गए हैं। वहीं नदी-नाले सहित डेम भी उफान पर आ गए हैं। जलाशयों का जल स्तर मेंनटेंन करने के लिए पारसडोह और सतपुड़ा जलाशय के गेट आवश्यकता अनुसार 1-1 फीट तक खोल दिए गए हैं।

सबसे ज्यादा 107 मिलीमीटर बारिश घोड़ाडोंगरी में हुई है। वहीं जिले में औसत 57 मिलीमीटर बारिश हो गई है। झमाझम बारिश से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि जिले में मानसून पूरी तरह से मेहरबान हो गया है। रविवार रात से जिले के लगभग सभी क्षेत्रों में बारिश हो रही है। यही कारण है कि जिले में रात भर में आज सुबह तक 57 मिलीमीटर औसत बारिश हो चुकी है।

भीमपुर में हुई मात्र 3 मिमी. बारिश

आज सुबह तक सबसे अधिक 107 मिलीमीटर बारिश घोड़ाडोंगरी ब्लॉक में हुई है। इसके अलावा चिचोली में 77.2 और बैतूल में 72.6 मिलीमीटर बारिश हुई है। अन्य ब्लॉकों में भी अच्छी बारिश दर्ज हो चुकी है। केवल भीमपुर ब्लॉक में ही कम बारिश हुई है। वहां केवल 3 मिलीमीटर बारिश आज सुबह तक रिकॉर्ड हो सकी है।

गत वर्ष से आगे निकला बारिश का आंकड़ा

लगातार हो रही बारिश के कारण ही बारिश का आंकड़ा पिछले साल से काफी आगे हो गया है। बीते साल आज तक की स्थिति में जिले में 248.6 मिलीमीटर बारिश हुई थी। इसके विपरीत इस साल जिले में औसत 341.2 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। जिले की औसत सामान्य बारिश 1083.9 मिलीमीटर है।

विहंगम दृश्य देखने पारसडोह डैम पहुंचे लोग

लगातार बारिश के कारण आठनेर क्षेत्र में ताप्ती नदी पर स्थित पारसडोह डैम के दो गेट आज सुबह खोलने पड़े। यहाँ के दो गेट 50 सेंटीमीटर तक खोले गए हैं। आज सुबह 6.50 बजे यह दोनों गेट खोले गए हैं। डैम का जल स्तर मेंटेन रखने के लिए गेट खोले गए हैं। गेट खोले जाने के बाद यहाँ बेहद मनमोहक दृश्य नजर आ रहा था। जिसे देखने आसपास के गांवों के लोग भी यहाँ पहुंचे।

सतपुड़ा डैम के भी खोले गए गेट

रविवार रात से लगातार हो रही बारिश के कारण सारणी स्थित सतपुड़ा डैम के गेट खोलने पड़े हैं। रविवार शाम 6.45 से सोमवार सुबह 6 बजे तक 7 गेट चार-चार फीट तक खुले रखे गए। रात में बारिश तेज होने से 22700 क्यूसेक पानी प्रति सेकंड छोड़ा गया है। वर्तमान में डैम के 7 गेट एक-एक फीट तक खोले रखे गए हैं।

उफान पर आई तवा नदी

लगातार हो रही बारिश और डैम के गेट खोले जाने के कारण तवा नदी उफान पर है। आसपास के गांवों का सारनी शहर से संपर्क टूट गया है। पुनर्वास कैंप चोपना का आवागमन शोभापुर गांव होकर हुआ करता था। लेकिन, शोभापुर गांव में पुल का निर्माण पूरा ना होने से आवाजाही नहीं हो पा रही है। अन्य मार्ग भी बंद होने के कारण पूरे पुनर्वास चोपना क्षेत्र का सभी दूर से संपर्क टूट गया है।

जिले में बारिश की स्थिति

विकासखंड आज अभी तक पिछले साल

बैतूल 72.6 306.6 265.4
घोड़ाडोंगरी 107.0 481.5 346.5
चिचोली 77.2 316.3 227.8
शाहपुर 75.6 369.2 330.0
मुलताई 48.3 404.6 212.4
प्रभातपट्टन 42.3 302.0 140.8
आमला 50.0 376.6 168.0
भैंसदेही 37.0 338.0 296.0
आठनेर 57.2 244.7 244.4
भीमपुर 3.0 273.0 179.0
जिले की औसत 57.0 341.2 248.6

नोट:- बारिश के आंकड़े 11 जुलाई की सुबह 8 बजे तक के हैं। आंकड़े मिलीमीटर में हैं।

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