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हसलपुर में बेटियों ने पिता को दी मुखाग्नि, 6 बहनों ने मिलकर पूरी की बेटे की जिम्मेदारी

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खबरवाणी

हसलपुर में बेटियों ने पिता को दी मुखाग्नि, 6 बहनों ने मिलकर पूरी की बेटे की जिम्मेदारी

बेटियों ने अपने पिता पूर्व सरपंच शेषराव बेले का अंतिम संस्कार कर समाज की रूढ़ियों को तोड़ा। नवीता करुणा प्रतिमा अरुणा भावना रुचिका ने घाट पर पिता को मुखाग्नि दी

आमला। समाज की रूढ़ियों को तोड़ते हुए बेटियों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे किसी से कम नहीं हैं। पिता के प्रति समर्पण, साहस और संस्कार का अद्भुत उदाहरण पेश करते हुए 6 बहनों ने वह जिम्मेदारी निभाई जिसे अक्सर केवल बेटों तक सीमित माना जाता रहा है। उनके इस जज्बे को हर कोई नमन कर रहा है।

घाट पर 6 बेटियों ने पिता को दी मुखाग्नि

माचना नदी के उद्गम स्थल घाट पर नवीता करुणा प्रतिमा अरुणा भावना रुचिका ने आगे बढ़कर सनातन परंपरा के अनुसार अपने पिता को मुखाग्नि दी। उन्होंने पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ अंतिम संस्कार संपन्न कराया। शेषराव बेले पिछले करीब 10 दिनों से भोपाल में अस्वस्थ थे। जहां दोपहर 3:00 बजे उनका निधन हो गया। वह सरल, मिलनसार और सामाजिक व्यक्तित्व के धनी थे।

हर परिस्थिति में निभाया साथ

बेटियों ने न केवल पिता की सेवा की, बल्कि हर परिस्थिति में उनका साथ निभाया। शेषराव बेले को अपनी बेटियों पर गर्व था और वह अक्सर कहते थे कि उनकी बेटियां ही उनके लिए बेटों जैसी हैं। उनकी पांच बेटियों का विवाह हो चुका है,  सबसे छोटी बेटी रुचिका संघ लोक सेवा आयोग की तैयारी कर रही हैं। पिता की इच्छा भी यही थी कि उनके निधन के बाद 6 बेटी ही उन्हें मुखाग्नि दे।

बेटियों ने पूरी की इच्छा

बेटियों ने इस इच्छा को पूरा कर भावुक विदाई दी। अंतिम यात्रा में  बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस दौरान उपस्थित लोगों की आंखें नम रहीं। आमला नगर पालिका अध्यक्ष नितिन गॉडरे ने कहा कि बेटियों ने जो उदाहरण प्रस्तुत किया है, वह समाज के लिए प्रेरणादायक है।

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