Bhains Ki Nasl : बंपर कमाई के लिए करें इन खास नस्ल की भैंस का पालन  

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फटाफट जान लें खासियत 

Bhains Ki Nasl – अगर आप भी पशुपालन करके अच्छा मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो आप भैंस की उन्नत नस्ल भदावरी नस्ल की भैंस का पालन करके अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. इस नस्ल की भैंस की दुग्ध उत्पादन क्षमता काफी अच्छी होती है। इस नस्ल की भैंस का सिर और पैर छोटे आकार के होते हैं, और इसके खुर का रंग काला होता है, जबकि गले के निचले हिस्से पर दो सफेद निशान होते हैं। यह प्रजाति यूपी के आगरा, इटावा और मध्य प्रदेश के ग्वालियर क्षेत्र में पाई जाती है। किसान इसका पालन करके अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। इस नस्ल की भैंस प्रति वर्ष लगभग 1,300 से 1,350 लीटर दूध देती है, जो कि उच्च उत्पादन की गुणवत्ता को दर्शाता है।

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मुर्रा नस्ल की भैंस | Bhains Ki Nasl

मुर्रा नस्ल की भैंस काफी उत्कृष्ट प्रजाति मानी जाती है। यह सबसे अधिक दूध देने वाली नस्ल मानी जाती है। इस नस्ल का रंग गहरा काला होता है, और खुर और पूंछ के निचले हिस्से में सफेद धब्बा होता है। इनकी सींग मुड़ी होती है और यह छोटी होती है। यह नस्ल प्रति वर्ष लगभग 1700 से 1850 लीटर तक दूध देती है। इस नस्ल की भैंस मुख्य रूप से पंजाब और हरियाणा में पाई जाती है, और अब यूपी के कुछ हिस्सों में भी किसान इसका पालन करके अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं।

जाफराबादी भैंस 

जाफराबादी भैंस भी उत्कृष्ट नस्ल की मानी जाती है। इस नस्ल की भैंस का सिर और गर्दन भारी होता है, माथा चौड़ा होता है, और सींग बड़ा और पीछे की ओर मुड़ा हुआ होता है। यह नस्ल मुख्य रूप से गुजरात में पाई जाती है। यह भैंस प्रति वर्ष लगभग 1,000 से 1,200 लीटर तक दूध देती है। किसान इस नस्ल की भैंस का पालन करके अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।

नीली रावी नस्ल | Bhains Ki Nasl  

नीली रावी नस्ल की भैंस भी उत्कृष्ट नस्ल की मानी जाती है। यह मुख्य रूप से रावी नदी के किनारे बसे क्षेत्र में पाई जाती है। इसका सिर छोटा होता है और दोनों आंखों के बीच में एक छोटा गढ्ढा होता है। यह नस्ल प्रति व्यांत लगभग 1,600 से 1,800 लीटर दूध उत्पादन की क्षमता रखती है। किसान इस नस्ल की भैंस का पालन करके अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।

बन्नी नस्ल की भैंस

बन्नी नस्ल की भैंस को एक अन्य नाम, कुंडी नस्ल, से भी जाना जाता है। इस नस्ल की भैंस अपनी कई विशेषताओं के लिए प्रसिद्ध है। इस नस्ल की भैंस में अधिक गर्मी और सर्दी दोनों को सहन करने की क्षमता होती है। इसका रंग गहरा काला और भूरा होता है, और इसकी सींग अंदर की ओर घूमी हुई होती है। इस नस्ल की भैंस प्रति वर्ष लगभग 2,500 से 2,800 लीटर दूध उत्पादन की क्षमता रखती है।

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