Amarnath Yatra 2026 इस बार 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त (रक्षा बंधन) तक चलेगी। यानी कुल 57 दिन की यह पवित्र यात्रा भक्तों के लिए खुली रहेगी। हिमालय की ऊंचाई पर स्थित बाबा बर्फानी के दर्शन करना हर शिव भक्त का सपना होता है, लेकिन अब इस यात्रा के नियम पहले से ज्यादा सख्त कर दिए गए हैं।
RFID कार्ड हुआ अनिवार्य, बिना इसके नो एंट्री
इस बार सबसे बड़ा बदलाव RFID कार्ड को लेकर किया गया है। अब हर यात्री को गले में RFID टैग पहनना जरूरी होगा। इसी के जरिए प्रशासन हर श्रद्धालु की लोकेशन ट्रैक करेगा। देसी भाषा में कहें तो “बिना इस कार्ड के आगे बढ़ना नामुमकिन है”।
हेल्थ सर्टिफिकेट पर सख्ती, फिटनेस जरूरी
ऊंचाई पर ऑक्सीजन कम होती है, इसलिए इस बार हेल्थ सर्टिफिकेट को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। 8 अप्रैल 2026 के बाद बना मेडिकल सर्टिफिकेट ही मान्य होगा। यह सर्टिफिकेट केवल अधिकृत डॉक्टर या अस्पताल से ही बनवाना होगा, नहीं तो रजिस्ट्रेशन नहीं होगा।
ये जरूरी डॉक्यूमेंट साथ रखना ना भूलें
यात्रा पर जाने से पहले अपने जरूरी कागज पूरे तैयार रखें।
- आधार कार्ड (सबसे जरूरी)
- RFID कार्ड
- यात्रा परमिट / रजिस्ट्रेशन स्लिप
ये सभी डॉक्यूमेंट साथ रखना अनिवार्य है। अगर इनमें से कुछ भी मिस हुआ तो आपको बीच रास्ते से वापस भी भेजा जा सकता है।
उम्र सीमा और खास नियम
इस यात्रा के लिए उम्र सीमा भी तय की गई है। 13 साल से कम और 70 साल से ज्यादा उम्र के लोग यात्रा नहीं कर सकते। साथ ही, 6 हफ्ते से ज्यादा गर्भवती महिलाओं को भी यात्रा की अनुमति नहीं है। ये नियम यात्रियों की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं।
कौन-कौन से रूट से होगी यात्रा?
अमरनाथ यात्रा दो मुख्य रास्तों से होती है—बालटाल और पहलगाम। आपको उसी रूट और तारीख पर यात्रा करनी होगी जो आपके परमिट में लिखी है। नियम तोड़ने पर बैन भी लग सकता है।
धोखाधड़ी से रहें सावधान
Shri Amarnath Shrine Board ने साफ कहा है कि रजिस्ट्रेशन सिर्फ ऑफिशियल वेबसाइट या अधिकृत बैंक से ही करें। किसी एजेंट या फर्जी लिंक के चक्कर में न पड़ें, वरना नुकसान हो सकता है।
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यात्रा से पहले ये तैयारी जरूर करें
ऊंचाई वाली इस यात्रा के लिए पहले से तैयारी जरूरी है। रोजाना वॉक करें, हल्की एक्सरसाइज करें और अपने साथ गर्म कपड़े, रेनकोट और जरूरी दवाइयां जरूर रखें।





