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इन 4 राशियों के लिए मोती पहनना मना जाता है बहोत ही सुबह जाने कोनसी है वो 4 रशिया और कब करे धारन।

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इन 4 राशियों के लिए मोती पहनना मना जाता है बहोत ही सुबह जाने कोनसी है वो 4 रशिया और कब करे धारन।

रत्न शास्त्र के अनुसार रत्न किसी न किसी ग्रह का प्रतिनिधित्व करते हैं। साथ ही यदि कुंडली में ग्रह कमजोर हो तो उसे मजबूत करने के लिए रत्न धारण किए जाते हैं। यहां हम बात करेंगे मोती रत्न की, मोती रत्न का संबंध चंद्र ग्रह से है। आइए जानते हैं मोती पहनने के क्या फायदे हैं और इन्हें पहनने का सही तरीका क्या है।

यहाँ मोती हैं:
रत्न शास्त्र के अनुसार चंद्रमा की तरह ही मोती रत्न भी शांत, सुंदर और शीतल होता है। इसका प्रभाव सीधे मन और शरीर के रसायनों पर पड़ता है। मोती रत्न गोल और सफेद रंग का होता है। जो समुद्र में मसल्स से प्राप्त होता है। मोती रत्न को दक्षिण सागर में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।

ये लोग मोती धारण कर सकते हैं:
रत्न शास्त्र के अनुसार मेष, कर्क, वृश्चिक और मीन लग्न के जातकों को मोती धारण करना उत्तम माना जाता है। चंद्रमा की महादशा में मोती धारण करना शुभ माना जाता है। चन्द्रमा पर पाप ग्रहों की दृष्टि होने पर भी मोती धारण करने की सलाह दी जाती है। यदि जन्म कुण्डली में चन्द्रमा छठे, आठवें या बारहवें भाव में हो तब भी आप मोती धारण कर सकते हैं। कुंडली में चंद्रमा कमजोर स्थिति में होने पर भी चंद्रमा की शक्ति बढ़ाने के लिए मोती धारण किया जा सकता है। वहीं दूसरी ओर कुंडली में नीच का चंद्रमा होने पर भी मोती नहीं धारण करना चाहिए।

मोती धारण करने के फायदे :
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मोती धारण करने से जातक पर मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। इससे व्यक्ति की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए सफेद मोती पहनना बहुत शुभ माना जाता है। वहीं, अधिक क्रोध करने वालों के लिए मोती पहनना बहुत शुभ माना जाता है। मोती धारण करने से मन स्थिर रहता है और क्रोध भी कम आता है। यदि आप विद्यार्थी हैं तो मोती धारण कर सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

इस विधि से पहनें मोती :

सोमवार की शाम शुक्ल पक्ष की छोटी उंगली में चांदी की अंगूठी में मोती धारण करें। क्योंकि रात में चंद्रमा की शक्ति बढ़ जाती है।
पूर्णिमा के दिन भी मोती धारण किए जा सकते हैं।
मोती की अंगूठी को पंचामृत में डुबोकर गंगाजल से साफ करें और फिर धारण करें।
मोती धारण करने के बाद चंद्रमा से संबंधित उपहार निकालकर किसी ब्राह्मण को भेंट करें।
मोती के साथ केवल पीला पुखराज और मूंगा ही पहना जा सकता है, अन्य रत्न नहीं।

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