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इंसानियत की मिसाल: जब महिला के शरीर में बचा सिर्फ 3 ग्राम खून, तो आमला से बैतूल दौड़ पड़े समाज-सेवी राम यादव।
आमला से बैतूल पहुंचकर किया रक्तदान
निस्वार्थ भाव से मदद करने का सामर्थ्य तो बहुत लोगो मे होता है,लेकिन मदद करने की सहज भावना गिनती के लोगो मे देखी जाती है, विशेषकर तब जब कि सूरज आसमान से आग उगलने को तैयार बैठा हो।
उन गिनती के लोगो मे एक नाम आमला के युवा समाजसेवी राम यादव जी का भी है,जिन्होंने नौतपे की झुलसा देने वाली गर्मी में भी सरल भाव से जिला अस्पताल पहुँचकर रक्त की बेहद कमी से जूझ रही महिला के लिए रक्तदान किया।
जनसेवा कल्याण समिति के सदस्य सागर चौहान को कॉल आया कि एक महिला जिनके शरीर मे मात्र 3 ग्राम रक्त शेष रह गया है,उन्हें आवश्यक रूप से A नेगेटिव ब्लड लग रहा है, ऐसे में उन्होंने कल रात भी एक यूनिट ब्लड की व्यवस्था करवाई, और आज पुनः रक्त की आवश्यकता पड़ी, ऐसी धूप में किसी को बोड़खी,बस स्टैंड बुलाना भी उचित नही लगता तब बैतूल बुलाना कितना मुश्किल टास्क है, पर जिम्मेदारी के वशीभूत सागर ने राम यादव जी से आग्रह किया और उन्होंने सहर्ष,बिना संकोच बैतूल जाकर रक्तदान कर रक्त की कमी से जूझ रही रूपा परमार जी के लिए Aनेगेटिव रक्तदान किया।





