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Petrol-Diesel Price Hike: पेट्रोल-डीजल के दाम ने तोड़ी दो साल की रिकॉर्ड, दिल्ली से बेंगलुरु तक जनता परेशान

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देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने आम आदमी की टेंशन बढ़ा दी है। शुक्रवार 29 मई 2026 को लगातार बढ़ती कीमतों के बीच पेट्रोल-डीजल दो साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। मिडिल ईस्ट में ईरान को लेकर चल रहे तनाव का असर अब सीधे भारतीय बाजार पर दिख रहा है। तेल कंपनियों ने आज भले ही दाम स्थिर रखे हों, लेकिन पिछले दो हफ्तों में करीब ₹7.5 प्रति लीटर की बढ़ोतरी ने लोगों का बजट बिगाड़ दिया है।

दिल्ली-NCR में पेट्रोल ₹102 के पार, जनता की जेब पर वार

राजधानी दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर बिक रहा है, जबकि डीजल ₹95.20 प्रति लीटर पहुंच गया है। नोएडा और गुरुग्राम में भी हालात कुछ अलग नहीं हैं। रोज ऑफिस आने-जाने वाले लोगों का खर्च अचानक बढ़ गया है। खासकर बाइक और कार चलाने वाले मिडिल क्लास परिवार अब हर महीने हजारों रुपये ज्यादा खर्च कर रहे हैं।

मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु में पेट्रोल ने मचाई आग

मुंबई में पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर पर पहुंच चुका है। वहीं कोलकाता में पेट्रोल ₹113.47 के रिकॉर्ड स्तर पर बिक रहा है। आईटी सिटी बेंगलुरु में भी पेट्रोल ₹110.91 प्रति लीटर हो गया है। लोग सोशल मीडिया पर सरकार और तेल कंपनियों को जमकर घेर रहे हैं। कई शहरों में लोगों ने इसे “महंगाई का नया झटका” बताया है।

हैदराबाद और केरल में सबसे ज्यादा महंगा हुआ ईंधन

हैदराबाद में पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.42 प्रति लीटर बिक रहा है। दक्षिण भारत के कई राज्यों में टैक्सी ड्राइवर और ट्रांसपोर्ट कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उनका कहना है कि अब किराया बढ़ाना मजबूरी बन जाएगा।

सरकार की अपील- Panic Buying मत करो

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जनता से अपील की है कि पेट्रोल-डीजल और LPG की घबराहट में ज्यादा खरीदारी न करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। सरकार और सरकारी तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार का पूरा बोझ जनता पर नहीं डाल रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक तेल कंपनियां रोज करीब ₹550 करोड़ का नुकसान झेल रही हैं ताकि लोगों को थोड़ी राहत मिल सके।

महंगाई बढ़ने का खतरा, सब्जी से लेकर राशन तक पड़ेगा असर

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर लंबे समय तक पेट्रोल-डीजल महंगा रहा तो ट्रांसपोर्ट और माल ढुलाई का खर्च तेजी से बढ़ेगा। इसका सीधा असर सब्जियों, दूध, राशन और FMCG सामानों की कीमतों पर पड़ेगा। डीजल महंगा होने से खेती-किसानी का खर्च भी बढ़ेगा। यानी आने वाले दिनों में आम आदमी की रसोई का बजट और ज्यादा बिगड़ सकता है।

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