गर्मी के मौसम में धूप में खड़ी कार किसी तंदूर से कम नहीं लगती। कार का दरवाज़ा खोलते ही ऐसा महसूस होता है जैसे आग के भट्ठे में घुस गए हों। खासकर जिन गाड़ियों में पैनोरमिक सनरूफ या ग्लास रूफ होता है, उनमें गर्मी और भी ज्यादा भर जाती है। अब इस परेशानी का जुगाड़ लेकर आई है Tesla। कंपनी एक ऐसी नई Cooling Technology पर काम कर रही है, जिससे कार का केबिन लंबे समय तक ठंडा रहेगा और बैटरी भी ज्यादा खर्च नहीं होगी।
धूप में कार इतनी जल्दी गर्म क्यों हो जाती है?
जब कार तेज धूप में खड़ी रहती है, तो सूरज की किरणें सीधे ग्लास से अंदर जाती हैं। इससे कार का अंदरूनी तापमान बहुत तेजी से बढ़ जाता है। जिन कारों में बड़ा ग्लास रूफ होता है, उनमें यह दिक्कत और ज्यादा होती है। फिर AC को पूरी ताकत से चलाना पड़ता है, जिससे इलेक्ट्रिक कार की बैटरी जल्दी डाउन होने लगती है।
Tesla की नई Cooling Technology क्या है?
Tesla ने एक खास Glass Roof Technology का पेटेंट कराया है। इसमें कार की छत को ही Cooling System का हिस्सा बना दिया गया है। कंपनी का मकसद है कि बिना ज्यादा बिजली खर्च किए कार के अंदर ठंडक बनाए रखी जाए। यह टेक्नोलॉजी खासतौर पर EV यानी इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है।
कैसे काम करेगा यह स्मार्ट सिस्टम?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ग्लास रूफ के नीचे एक एक्स्ट्रा लेयर लगाई जाएगी जिसमें बेहद छोटे-छोटे छेद होंगे। इन्हीं माइक्रो होल्स के जरिए ठंडी हवा पूरे केबिन में फैलेगी। AC से निकलने वाली ठंडी हवा ऊपर से धीरे-धीरे पूरी कार में घूमेगी। वहीं गर्म हवा ऊपर उठकर अलग एयरफ्लो सिस्टम से बाहर निकल जाएगी। इससे यात्रियों को सीधी और ज्यादा फ्रेश ठंडक महसूस होगी।
बैटरी बचेगी और सफर होगा आरामदायक
इलेक्ट्रिक कारों में AC ज्यादा चलाने से बैटरी तेजी से खत्म होती है, जिससे ड्राइविंग रेंज कम हो जाती है। Tesla की यह नई तकनीक केबिन को पहले से ठंडा रखेगी, जिससे AC पर कम दबाव पड़ेगा। इसका सीधा फायदा बैटरी और रेंज दोनों पर मिलेगा। साथ ही लंबे सफर में यात्रियों को भी आरामदायक अनुभव मिलेगा और सिर पर पड़ने वाली धूप की तपिश कम महसूस होगी।
दूसरी कंपनियां भी अपना सकती हैं यह टेक्नोलॉजी
Tesla की इस नई खोज को पूरी ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री बड़े ध्यान से देख रही है। अगर यह टेक्नोलॉजी सफल रही, तो आने वाले समय में दूसरी कार कंपनियां भी अपने EV मॉडल्स में ऐसा सिस्टम इस्तेमाल कर सकती हैं। फिलहाल Tesla ने केवल इसका पेटेंट कराया है, लेकिन उम्मीद है कि आने वाले कुछ सालों में यह फीचर नई Tesla कारों में देखने को मिल सकता है।
Read Also :- कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ में दर्दनाक हादसा: नदी में डूबकर 8 लोगों की मौत





