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भौरा के 70–75 परिवारों ने पट्टे की मांग को लेकर विधायक को सौंपा ज्ञापन
20–25 वर्षों से निवास के बावजूद स्वामित्व अधिकार नहीं, उपचुनाव में हुई घोषणा का भी दिलाया गया स्मरण
भौरा । ग्राम पंचायत भौरा के वार्ड क्रमांक 9, 10 एवं 11 में निवासरत करीब 70–75 परिवारों ने सोमवार को क्षेत्रीय विधायक को आवेदन सौंपकर आवासीय पट्टे दिलाने की मांग की। आवेदकों का कहना है कि वे पिछले 20–25 वर्षों से उक्त क्षेत्र में निवास कर रहे हैं, बावजूद इसके अब तक उन्हें भूमि का वैधानिक स्वामित्व (पट्टा) प्राप्त नहीं हो सका है।
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि इस संबंध में ग्राम पंचायत स्तर पर कई बार मांग की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे रहवासियों में असंतोष व्याप्त है और वे पुनः संगठित होकर अपनी मांग शासन-प्रशासन के समक्ष रख रहे हैं।
उपचुनाव में हुई घोषणा का हवाला
आवेदन में घोड़ाडोंगरी उपचुनाव के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा चोपना में आयोजित आमसभा में की गई उस घोषणा का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें कहा गया था कि जो जहां रह रहा है, उसे वहीं का पट्टा दिया जाएगा और कोई भी बिना पट्टे के नहीं रहेगा। रहवासियों ने इस घोषणा के अनुरूप शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा जताई है।
मूलभूत सुविधाएं मिलीं, लेकिन पट्टा अब भी लंबित
रहवासियों ने बताया कि क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना, सीसी रोड सहित अन्य विकास कार्य हो चुके हैं और उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ भी मिल रहा है। इसके बावजूद भूमि का वैधानिक अधिकार न मिलने से वे असुरक्षा की भावना में जीवन यापन कर रहे हैं। उनका कहना है कि पट्टा मिलने से उन्हें स्थायित्व और सुरक्षा का भरोसा मिलेगा।
गरीब मजदूर परिवारों की आजीविका पर असर
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि अधिकांश परिवार मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। ऐसे में बिना पट्टे के निवास करना उनके लिए चिंता का विषय बना हुआ है। उन्होंने विधायक से मांग की है कि गरीब वर्ग के हित को ध्यान में रखते हुए शीघ्र पट्टे दिलाने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।ज्ञापन देने वाले में प्रमुख रूप से कैलाश प्रसाद अग्निहोत्री , समदास पवार एवं मो.नासिर खान, संगीता सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।





