प्रसिद्ध किताब रिच डैड पुअर डैड के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी ने एक बार फिर दुनिया भर के निवेशकों को चौंका दिया है. कियोसाकी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि उन्होंने जिस बड़े शेयर बाजार क्रैश की भविष्यवाणी साल 2013 में की थी, वह अब शुरू हो चुका है. उनके इस दावे से अमेरिका ही नहीं यूरोप और एशिया के मार्केट में भी बेचैनी बढ़ गई है.
2013 की भविष्यवाणी सच होने का दावा
78 साल के कियोसाकी ने लिखा कि उन्होंने अपनी किताब रिच डैड्स प्रॉफेसी में दुनिया के सबसे बड़े मार्केट क्रैश का जिक्र किया था. उनका कहना है कि दुर्भाग्य से वह समय अब आ गया है. कियोसाकी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि यह क्रैश सिर्फ अमेरिका ही नहीं बल्कि यूरोप और एशिया की अर्थव्यवस्था में भी असर दिखाएगा.
एआई को बताया क्रैश की बड़ी वजह
कियोसाकी ने इस मार्केट गिरावट के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई को भी जिम्मेदार माना. उनका दावा है कि एआई आने वाले समय में लाखों नौकरियां खत्म कर देगा. इसकी वजह से कमर्शियल और रेजिडेंशियल रियल एस्टेट मार्केट में भारी गिरावट आ सकती है. उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी के तेज बदलाव से बाजार में अस्थिरता और बढ़ेगी.
निवेशकों को दी सेफ हेवन एसेट्स में निवेश की सलाह
कियोसाकी ने निवेशकों को सलाह दी कि इस क्रैश के दौर में अपनी पूंजी सुरक्षित रखने के लिए बिटकॉइन, गोल्ड, सिल्वर और एथेरियम जैसी एसेट्स पर ध्यान दें. हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने हाल ही में लगभग दो करोड़ रुपये मूल्य के बिटकॉइन बेच दिए हैं. इसके बावजूद उन्होंने सिल्वर को सबसे सुरक्षित निवेश बताया. उनका दावा है कि अभी सिल्वर पचास डॉलर पर है और जल्द ही सत्तर डॉलर तक जा सकता है. वहीं साल 2026 तक यह कीमत दो सौ डॉलर तक पहुंच सकती है.
क्रैश में भी है कमाई का मौका
कियोसाकी ने यह भी कहा कि लोग इस गिरावट को अवसर की तरह देखें. उनका मानना है कि हर क्रैश अपने साथ बड़े निवेश मौके भी लाता है. बाजार की इस उथल पुथल में समझदारी से फैसला लेने वाले लोग अच्छी कमाई कर सकते हैं.





