सफेद मूली सिर्फ सलाद और पराठे का स्वाद बढ़ाने के काम नहीं आती, बल्कि आयुर्वेद में इसे कई रोगों की रामबाण औषधि माना गया है। Acharya Balkrishna के अनुसार मूली में प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो कान के हल्के दर्द, खुजली और शुरुआती इन्फेक्शन में आराम दिला सकते हैं। अगर दवाई खाकर भी खास फायदा नहीं मिल रहा, तो यह देसी नुस्खा आपके काम आ सकता है।
हल्के कान दर्द में देता है राहत
कई बार सर्दी-जुकाम या ठंडी हवा लगने से कान में हल्का-हल्का दर्द शुरू हो जाता है। ऐसी हालत में मूली का रस और सरसों का तेल मिलाकर डाला जाए तो दर्द में आराम मिल सकता है। यह देसी तरीका पुराने समय से गांव-देहात में अपनाया जाता रहा है।
कान की खुजली और शुरुआती इन्फेक्शन में कारगर
अगर कान में खुजली, जलन या हल्का इन्फेक्शन महसूस हो रहा है, तो मूली के रस में मौजूद जीवाणुरोधी तत्व मददगार हो सकते हैं। यह कान के अंदर की गंदगी और बैक्टीरिया को कम करने में सहायक माना जाता है।
कान का मैल (ईयरवैक्स) साफ करने में मदद
कान में जमा मैल कई बार सुनने में दिक्कत पैदा कर देता है। मूली और सरसों तेल का हल्का गुनगुना मिश्रण कान में डालने से मैल ढीला पड़ सकता है, जिससे उसे साफ करना आसान हो जाता है।
कान में फुंसी या पिंपल में फायदेमंद
कई बार कान के अंदर छोटी फुंसी निकल आती है, जिससे दर्द और सूजन हो जाती है। मूली के औषधीय गुण सूजन कम करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि तेज दर्द या ज्यादा सूजन हो तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
5. घर पर ऐसे बनाएं मूली का आयुर्वेदिक तेल
सामग्री:
-
मूली का रस – 200 ग्राम
-
सरसों का तेल – 50 ग्राम
विधि:
सबसे पहले मूली को कद्दूकस करके उसका रस निकाल लें। चाहें तो पत्तों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। अब इस रस में 50 ग्राम सरसों का तेल मिलाकर हल्का गुनगुना कर लें। ठंडा होने पर ड्रॉपर की मदद से कान में 2 बूंद डालें। सिर को कुछ मिनट एक तरफ झुकाकर रखें। दिन में एक बार यह उपाय किया जा सकता है।
मूली खाने के अन्य फायदे
मूली पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है, शरीर की गंदगी बाहर निकालने में मदद करती है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है और लीवर के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है।
ध्यान रहे, अगर कान में तेज दर्द, पस या गंभीर इन्फेक्शन हो तो घरेलू नुस्खों के भरोसे न रहें, तुरंत विशेषज्ञ से सलाह लें।
Read Also :- Suryakumar Yadav पर Sanjay Manjrekar का निशाना, अच्छी बल्लेबाजी के बाद भी उठाए सवाल





