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नरसिंहपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई लोन के नाम पर ठगी करने वाला ‘क्रिकेटर’ ठग दिल्ली से गिरफ्तार
नरसिंहपुर। जिले की पुलिस ने अंतर्राज्यीय स्तर पर धोखाधड़ी करने वाले एक शातिर ठग को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी फर्जी बैंक और फाइनेंस कंपनियों के लुभावने पोस्टर लगाकर आम लोगों को अपने जाल में फंसाता था। पुलिस ने आरोपी को दिल्ली से हिरासत में लिया है।
एक नज़र में
आरोपी की पहचान देवकीनंदन कपूर उर्फ देव (निवासी रोहिणी, नई दिल्ली)।
हैरान करने वाला खुलासा आरोपी पिछले 16 वर्षों से DDCA (दिल्ली डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन) से जुड़ा प्रोफेशनल क्रिकेटर है और कोचिंग भी देता है।
तरीका-और -वारदात: रेलवे स्टेशनों और सार्वजनिक स्थानों पर फर्जी लोन के पोस्टर चिपकाकर शिकार ढूंढना।
जप्ती 10 चेकबुक, 10 पासबुक, 7 एटीएम कार्ड और 2 आधार कार्ड।
घटना का विवरण पोस्टर देखकर फंसे प्रार्थी
शिकायतकर्ता ओंकार प्रसाद चौधरी निवासी नरसिंहपुर ने फरवरी 2026 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके साथ लोन दिलाने के नाम पर 93,900 रुपये की ठगी हुई है। उन्होंने मार्च 2025 में रेलवे स्टेशन पर ‘आर.बी.एल. फाइनेंस बैंक’ का पोस्टर देखा था। उस पर दिए नंबर पर कॉल करने पर एक महिला ने बात की और फिर ‘मैनेजर’ अमर पवार (आरोपी का फर्जी नाम) से संपर्क कराया।
ठगी का जाल बीमा और जी एस टी के नाम पर वसूली
आरोपी ने प्रार्थी से आधार, पैन और बैंक विवरण व्हाट्सएप पर मंगवाए। इसके बाद लोन स्वीकृत करने के बहाने:
बीमा शुल्क
डीडी चार्ज
जी एस टी और खाता परिवर्तन फीस
जैसे विभिन्न कारणों से कुल 93,900 रुपये अलग-अलग किश्तों में जमा करवा लिए। जब प्रार्थी ने और पैसे देने से मना किया, तो आरोपी ने उसे भोपाल बुलाकर गुमराह किया और मिलने नहीं आया।
पुलिस की जांच और गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना ने एक विशेष टीम गठित की। एएसपी संदीप भूरिया और एसडीओपी मनोज गुप्ता के नेतृत्व में तकनीकी टीम ने बैंक खातों और कॉल डिटेल्स को खंगाला। जांच में पता चला कि ठग दिल्ली का रहने वाला है और वहां से कॉल सेंटर संचालित कर रहा है। पुलिस टीम ने दिल्ली के बेगमपुर इलाके में दबिश देकर आरोपी देवकीनंदन कपूर को दबोच लिया।
मास्टरमाइंड की चालाकी
दूसरों के खातों का उपयोग
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी बेहद शातिर है। वह ठगी की रकम सीधे अपने खाते में नहीं मंगाता था, बल्कि उन लोगों के खातों का उपयोग करता था जिन्हें उसने पहले लोन का झांसा देकर फंसाया था। पुलिस ने ऐसे 10 बैंक खातों को चिन्हित कर फ्रीज कर दिया है।
युवती को भी बनाया मोहरा
आरोपी ने दिल्ली में एक छोटा कॉल सेंटर खोल रखा था, जहाँ उसने बिहार की एक युवती को टेली-कॉलर के रूप में रखा था। युवती को भी इस काले कारोबार की भनक नहीं थी। आरोपी ने उसे भी वेतन नहीं दिया, जिसके कारण वह काम छोड़कर चली गई थी।
कानूनी कार्रवाई > पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बी एन एस) की धारा 318 (4) के तहत मामला दर्ज किया है। इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक विजय द्विवेदी, प्रधान आरक्षक आशीष मिश्रा और आरक्षक संजय पाण्डेय सहित पूरी टीम की सराहनीय भूमिका रही।





