न्यू ईयर 2026 की पार्टी से पहले अगर खाना टाइम पर न पहुंचे तो सारा मजा किरकिरा हो जाता है। शायद इसी बात को समझते हुए फूड डिलीवरी की दिग्गज कंपनियां Zomato और Swiggy ने बड़ा फैसला लिया है। देशभर में गिग वर्कर्स की हड़ताल की आहट के बीच दोनों कंपनियों ने अपने डिलीवरी पार्टनर्स की कमाई बढ़ाने का ऐलान कर दिया है। अब सवाल यही है कि आखिर डिलीवरी बॉय को अब कितना पैसा मिलेगा और यह फैसला क्यों लिया गया।
न्यू ईयर से पहले क्यों बढ़ा दबाव
31 दिसंबर को गिग वर्कर्स की संभावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल की घोषणा ने कंपनियों की टेंशन बढ़ा दी थी। तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन और इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स का कहना था कि लाखों डिलीवरी पार्टनर इस हड़ताल में शामिल हो सकते हैं। न्यू ईयर की रात ऑर्डर का सबसे ज्यादा दबाव रहता है, ऐसे में कंपनियां कोई रिस्क नहीं लेना चाहती थीं।
Zomato ने कितनी बढ़ाई डिलीवरी की कमाई
Zomato ने न्यू ईयर ईव पर डिलीवरी पार्टनर्स के लिए खास ऑफर निकाला है। शाम 6 बजे से रात 12 बजे तक के पीक टाइम में अब एक ऑर्डर पर 120 से 150 रुपये तक कमाई हो सकती है। इतना ही नहीं, अगर ऑर्डर ज्यादा मिले तो एक दिन में 3000 रुपये तक कमाने का मौका भी दिया जा रहा है। कंपनी ने फिलहाल ऑर्डर कैंसिल या रिजेक्ट करने पर लगने वाले जुर्माने में भी ढील दी है।
Swiggy ने भी खोला कमाई का रास्ता
Swiggy भी पीछे नहीं रही। कंपनी ने दावा किया है कि 31 दिसंबर और 1 जनवरी के बीच डिलीवरी पार्टनर कुल मिलाकर 10000 रुपये तक कमा सकते हैं। न्यू ईयर की रात के छह घंटे के पीक स्लॉट में 2000 रुपये तक की कमाई का वादा किया गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा राइडर्स ऑनलाइन रहें और ऑर्डर समय पर पहुंचें।
कंपनियों का बयान और यूनियन का आरोप
Zomato और Swiggy का कहना है कि यह कोई दबाव में लिया गया फैसला नहीं है, बल्कि त्योहार और साल के आखिरी दिनों में यह उनका स्टैंडर्ड प्रोसेस होता है। वहीं यूनियनों का आरोप है कि 25 दिसंबर की हड़ताल के बाद भी उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया, इसलिए 31 दिसंबर की हड़ताल जरूरी हो गई।
डिलीवरी बॉय और ग्राहकों दोनों को राहत
इस फैसले से डिलीवरी पार्टनर्स की जेब मजबूत होगी और ग्राहकों को भी राहत मिलेगी। कुल मिलाकर न्यू ईयर की रात Zomato और Swiggy दोनों ही यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि ऑर्डर टाइम पर पहुंचे और जश्न में कोई खलल न पड़े। अब देखना यह है कि आने वाले दिनों में गिग वर्कर्स की मांगों पर कंपनियां और क्या कदम उठाती हैं।





