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आमला। सरहद पर सजा स्नेह का संसार बहनों ने वायु सैनिकों की कलाई पर बांधी ‘तिरंगा राखी’
बैतूल की संस्था का राष्ट्र रक्षा मिशन: घर से दूर तैनात जवानों को मिला मातृशक्ति का दुलार, भावुक हुए प्रहरी।
आमला। देश की सीमाओं और आसमान की सुरक्षा में चौबीसों घंटे तैनात रहने वाले सैनिकों के लिए त्योहार अक्सर मोर्चे पर ही बीतते हैं। घर-परिवार से दूर इन जवानों के त्योहारों को खास बनाने के लिए बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति ने एक सराहनीय पहल की है। समिति का ‘राष्ट्र रक्षा मिशन 2026’ का 25 सदस्यीय दल आज रक्षाबंधन के पावन पर्व के उपलक्ष्य में वायु सेना स्टेशन आमला पहुंचा। संस्था अध्यक्ष गौरी बालापुरे के नेतृत्व में पहुंची बहनों ने जब बार्डर और अग्रिम मोर्चों पर जाने से पहले वायु सैनिकों की कलाई पर तिरंगा राखी बांधी, तो जवान भावुक हो उठे। त्योहार से ठीक पहले अपने बीच बहनों को पाकर जवानों के चेहरे खुशी से खिल गए।
जवानों का हौसला बढ़ाती हैं ऐसी कोशिशें
वायुसेना स्टेशन आमला के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी रंजीत ने इस गरिमामय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समिति के प्रयासों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि सेना के जवान बहुत कम त्योहार अपने परिवार के साथ मना पाते हैं, फिर चाहे वह होली हो, दीपावली हो या रक्षाबंधन। ऐसे में जिस तरह से बैतूल की इस संस्था ने आगे आकर पहल की है, वह बेहद गौरवमयी है। इस तरह के आत्मीय प्रयास देश की रक्षा में दिन-रात जुटे जवानों का हौसला और मनोबल कई गुना बढ़ा देते हैं। उन्हें यह अहसास होता है कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है।
कलाई पर बंधी राखी, जवानों ने लिया सुरक्षा का वचन
भावुक और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत कर देने वाले दृश्य देखने को मिले। संस्था की बहनों ने पारंपरिक रूप से जवानों को तिलक लगाया, आरती उतारी और मिठाई खिलाकर उनकी लंबी उम्र की कामना की। जैसे ही जवानों की कलाइयों पर रेशम के धागों और तिरंगे के रंगों से सजी राखियां बंधीं, पूरा परिसर भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा। जवानों ने भी बहनों को देश की संप्रभुता और उनकी सुरक्षा का अटूट वचन दिया।
हर साल कलाई सूनी न रहे, यही हमारा संकल्प
संस्था की अध्यक्ष गौरी बालापुरे ने बताया कि ‘राष्ट्र रक्षा मिशन’ का मुख्य उद्देश्य ही यही है कि देश की रक्षा में दिन-रात जुटे हमारे भाइयों की कलाई रक्षाबंधन के पावन पर्व पर कभी सूनी न रहे। घर से दूर सरहद पर तैनात इन वीरों को यह अहसास कराना जरूरी है कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है और हर बहन की दुआएं उनके साथ हैं। कार्यक्रम के अंत में जवानों ने भी बहनों की रक्षा का वचन दिया ।





