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बैतूल में दलबदल के विरोध में उग्र प्रदर्शन, क्रिकेटर पर नारेबाजी को लेकर उठे सवाल
नेहरू पार्क में पुतला दहन, दलबदल कानून और खिलाड़ियों के सम्मान को लेकर छिड़ी बहस
फोटो: (भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी Harbhajan Singh)
बैतूल।
दल-बदल की राजनीति के विरोध में आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने सोमवार को नेहरू पार्क में उग्र प्रदर्शन करते हुए हाल ही में अन्य दलों में शामिल हुए नेताओं के खिलाफ पुतला दहन किया। इस दौरान कुछ नेताओं के साथ-साथ भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी Harbhajan Singh का नाम शामिल होने और उनके खिलाफ नारेबाजी को लेकर शहर में नई बहस छिड़ गई है।
प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने Ashok Mittal, Sandeep Pathak, Raghav Chadha, Vikram Sahney, Swati Maliwal, Harbhajan Singh और Rajendra Gupta पर सत्ता के लालच में पार्टी के सिद्धांतों से समझौता करने का आरोप लगाया। कार्यकर्ताओं ने इसे जनता के विश्वास के साथ धोखा बताते हुए कड़ी नाराजगी जताई।
कार्यक्रम प्रदेश उपाध्यक्ष अजय सोनी के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। नर्मदापुरम के मीडिया प्रभारी मुकेश गायकवाड़ और संगठन मंत्री ईश्वरदास साबले भी इस दौरान उपस्थित रहे।
अजय सोनी ने कहा कि इस तरह की दलबदल की राजनीति लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करती है और जनता के जनादेश का अपमान है। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले समय में जनता ऐसे नेताओं को करारा जवाब देगी।
खिलाड़ी पर नारेबाजी को लेकर उठे सवाल
प्रदर्शन के बाद शहर में इस बात को लेकर भी चर्चा तेज हो गई कि देश का प्रतिनिधित्व कर चुके खिलाड़ी के खिलाफ मुर्दाबाद जैसे नारे लगाना उचित है या नहीं।
उल्लेखनीय है कि Harbhajan Singh भारतीय क्रिकेट टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में रहे हैं और वे ICC T20 World Cup 2007 तथा ICC Cricket World Cup 2011 जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे हैं। खेल प्रेमियों का कहना है कि किसी भी खिलाड़ी ने देश के लिए योगदान दिया हो, उसके सम्मान का ध्यान रखा जाना चाहिए, भले ही राजनीतिक मतभेद क्यों न हों।
दलबदल कानून पर भी चर्चा तेज
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यदि किसी दल के दो-तिहाई (2/3) सदस्य सामूहिक रूप से दूसरी पार्टी में शामिल होते हैं, तो यह कानूनी रूप से मान्य माना जाता है। ऐसे में हालिया घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक और कानूनी बहस भी तेज होती दिखाई दे रही है।
समापन:
बैतूल में हुए इस प्रदर्शन ने जहां दलबदल की राजनीति पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं खिलाड़ियों और सार्वजनिक हस्तियों के सम्मान को लेकर भी एक नई चर्चा को जन्म दे दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।






