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बिजली विभाग ने 500 कनेक्शन काटे
WCL में अवैध लाइन हटाई; लोग अंधेरे में,
समाधान योजना से किस्तों में राहत
खबरवाणी न्यूज़ रफीक
सारनी । मार्च क्लोजिंग के चलते बिजली वितरण विभाग ने घोड़ाडोंगरी ब्लॉक में बकाया वसूली अभियान तेज कर दिया है। विभाग द्वारा अब तक करीब 500 बकायेदारों के कनेक्शन काटे जा चुके हैं, जिनमें बागडोना व्यावसायिक क्षेत्र के करीब 50 कनेक्शन शामिल हैं। उपभोक्ताओं पर अधिकतम ₹25,000 और न्यूनतम ₹1,200 तक का बकाया बताया गया है, जबकि मार्च माह के लिए करीब ढाई करोड़ रुपये वसूली का लक्ष्य रखा गया है।
बिजली विभाग के जेई यादव ने बताया कि बकायेदारों के लिए समाधान योजना भी चलाई जा रही है, जिसमें लंबे समय से बकाया बिल वाले उपभोक्ताओं को किस्तों में भुगतान की सुविधा दी गई है। इसके बावजूद बिना पूर्व सूचना कनेक्शन काटे जाने से लोगों में नाराजगी देखी जा रही है और विरोध के स्वर भी उठ रहे हैं।
दूसरी ओर पाथाखेड़ा शोभापुर कॉलोनी में WCL सुरक्षा गार्ड और बिजली वितरण कंपनी सारणी की संयुक्त टीम ने 4-5 वाहनों के काफिले के साथ पहुंचकर अवैध कनेक्शनों पर कार्रवाई की। टीम ने हुकिंग के तार हटाकर सप्लाई बंद कर दी, जिससे अधिकांश वार्डों में अंधेरा छा गया और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
कार्रवाई के बीच केबल बेचने वाले दुकानदारों को फायदा हुआ, जहां करीब ₹50,000 तक की केबल की बिक्री बताई जा रही है। वहीं लोग दोबारा अस्थायी रूप से कनेक्शन जोड़कर बिजली का उपयोग करने को मजबूर हैं। क्षेत्र में बीते 40 वर्षों से रह रहे निजी कामगारों के पास वैकल्पिक बिजली व्यवस्था नहीं होने के कारण वे हुकिंग के जरिए ही बिजली उपयोग करते रहे हैं।
नगर पालिका द्वारा कुछ वार्डों में बिजली व्यवस्था सुधारने के प्रयास किए गए हैं और करोड़ों रुपये खर्च कर सीमित क्षेत्रों में सप्लाई शुरू भी की गई है, लेकिन कई वार्ड अब भी इससे वंचित हैं। जिन क्षेत्रों में व्यवस्था नहीं है, वहां लोग मजबूरी में फिर से अवैध कनेक्शन का सहारा ले रहे हैं।
हाल ही में नगर पालिका परिषद ने कुछ वार्डों में पोल लगाने का प्रस्ताव पारित किया है, लेकिन वार्ड नंबर 31 सहित शक्तिनगर क्षेत्र में अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं हो पाई है। पार्षदों की उदासीनता के चलते लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं, वहीं बार-बार तार हटाने की कार्रवाई से प्रत्येक परिवार को करीब ₹1000 से ₹1200 तक का नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।





