खबरवाणी
केमिकल युक्त फलों का खतरा? महाराष्ट्र की घटना के बाद बढ़ी चिंता, जांच की उठी मांग
बुरहानपुर। हाल ही में महाराष्ट्र में सामने आई एक दर्दनाक घटना, जिसमें तरबूज और खरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के कई सदस्यों की मौत हो गई, ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। इस घटना के बाद बुरहानपुर जिले में भी लोगों के बीच भय और सतर्कता का माहौल बन गया है। आम नागरिक अब बाजार में बिक रहे फलों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठा रहे हैं और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
बाजार में बिक रहे फलों पर उठे सवाल
गर्मी के मौसम में तरबूज, खरबूज, आम जैसे फलों की मांग तेजी से बढ़ जाती है। ऐसे में अधिक मुनाफा कमाने के लिए कुछ व्यापारी फलों को जल्दी पकाने या आकर्षक बनाने के लिए केमिकल का इस्तेमाल कर सकते हैं। नागरिकों का कहना है कि बाजार में मिलने वाले कई फलों का स्वाद और रंग असामान्य लग रहा है, जिससे संदेह और गहरा हो गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, “महाराष्ट्र की घटना के बाद हम डर गए हैं। अब बिना जांच के कोई भी फल खाने में डर लग रहा है।”
खाद्य विभाग और नगर निगम की जिम्मेदारी
इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए नागरिकों ने खाद्य विभाग और नगर निगम से मांग की है कि बाजार में बिक रहे फलों की नियमित जांच की जाए।
फलों के सैंपल लेकर लैब में जांच कराई जाए
केमिकल युक्त या संदिग्ध फलों को तुरंत जब्त किया जाए
दोषी व्यापारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो
विशेषज्ञों का कहना है कि कैल्शियम कार्बाइड जैसे खतरनाक केमिकल का उपयोग फलों को जल्दी पकाने के लिए किया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है।
स्वास्थ्य पर गंभीर असर
डॉक्टरों के अनुसार, केमिकल युक्त फल खाने से कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं—
उल्टी, दस्त और पेट दर्द
फूड पॉइजनिंग
लीवर और किडनी पर असर
लंबे समय में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा
प्रशासन को रहना होगा सतर्क
महाराष्ट्र की घटना एक चेतावनी है कि यदि समय रहते सख्ती नहीं बरती गई, तो ऐसी घटनाएं कहीं भी हो सकती हैं। बुरहानपुर जैसे जिलों में, जहां बाहरी राज्यों से फल बड़ी मात्रा में आते हैं, वहां निगरानी और भी जरूरी हो जाती है।
प्रशासन को चाहिए कि—
फल मंडियों में नियमित निरीक्षण करे
लाइसेंसधारी व्यापारियों की सूची तैयार करे
बिना अनुमति फलों की बिक्री पर रोक लगाए
नागरिकों के लिए सावधानी जरूरी
विशेषज्ञों ने आम जनता को भी सतर्क रहने की सलाह दी है—
बहुत ज्यादा चमकदार या असामान्य रंग वाले फल न खरीदें
कटे या पहले से खुले फल खाने से बचें
फल खाने से पहले अच्छे से धोएं
शक होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
महाराष्ट्र की घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि खाद्य सुरक्षा को लेकर लापरवाही कितनी खतरनाक हो सकती है। बुरहानपुर में ऐसी कोई घटना न हो, इसके लिए प्रशासन और जनता दोनों को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी। समय रहते जांच और सख्ती ही ऐसी घटनाओं को रोक सकती है।





