खबरवाणी
हेडलाइन – नरसिंहपुर जिले के साईखेड़ा में स्टेट हाईवे-44 एक बार फिर खूनी सड़क साबित हुआ है।
एंकर – सड़क हादसे में 20 वर्षीय युवक शैलेंद्र हरिजन की मौत के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया।
परिजनों और ग्रामीणों ने शव रखकर करीब 15 घंटे तक चक्का जाम किया, जिससे हाईवे पर 10 से 15 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। देर रात पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा और प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ।
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साईखेड़ा थाना क्षेत्र के कुइया चौराहे और नर्मदा रिसोर्ट के पास शुक्रवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब ग्राम तुमड़ा निवासी 20 वर्षीय शैलेंद्र हरिजन की सड़क हादसे में मौत के बाद परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। पोस्टमार्टम के बाद मृतक का शव स्टेट हाईवे-44 पर रखकर चक्का जाम कर दिया गया।
प्रदर्शन के दौरान हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बताया जा रहा है कि करीब 10 से 15 किलोमीटर तक जाम की स्थिति बनी रही और हजारों वाहन घंटों तक फंसे रहे। प्रशासन ने यातायात को दूसरे मार्गों से डायवर्ट कर वैकल्पिक व्यवस्था बनाई, लेकिन देर रात तक हालात तनावपूर्ण बने रहे।
धरना स्थल पर कांग्रेस नेत्री सुनीता पटेल, मनीष राय, राजीव दुबे सहित कई जनप्रतिनिधि और समाजसेवी मौजूद रहे। प्रदर्शनकारी मृतक परिवार को मुआवजा, दोषियों पर कार्रवाई और हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग कर रहे थे। कई लोग सड़क पर ही बिस्तर बिछाकर धरने पर बैठे रहे।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नरसिंहपुर पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा, राजस्व विभाग के अधिकारी और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों द्वारा लगातार समझाइश और चर्चा के बाद प्रशासन ने मृतक परिवार को तत्काल 5 लाख रुपये सहायता और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद रात करीब 3 बजे चक्का जाम समाप्त हुआ और यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका।
लगातार हो रहे सड़क हादसों के कारण स्टेट हाईवे-44 को लेकर क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी है। लोगों ने हाईवे पर स्पीड कंट्रोल, चेतावनी संकेतक और स्थायी सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की है।





