खबरवाणी
निर्माणाधीन बाउंड्रीवॉल की गुणवत्ता पर उठे सवाल, शुरुआती चरण में ही दिखने लगीं खामियां
कालमों से झांक रही सरिया, टेढ़ी-मेढ़ी चिनाई, तराई में लापरवाही और घटिया सामग्री के उपयोग के आरोप; तकनीकी निगरानी पर भी सवाल
भौंरा। शाहपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत काटावाड़ी के आदि सेवा केंद्र कालापानी एवं आंगनवाड़ी भवन परिसर में निर्माणाधीन बाउंड्रीवॉल की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लाखों रुपये की लागत से कराए जा रहे इस निर्माण कार्य में प्रारंभिक स्तर से ही तकनीकी मानकों की अनदेखी की जा रही है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
ग्रामीणों के अनुसार बाउंड्रीवॉल में बनाए जा रहे आरसीसी कालमों की स्थिति चिंताजनक है। कई स्थानों पर कालमों के भीतर डाली गई सरिया बाहर दिखाई दे रही है। निर्माण मानकों के अनुसार सरिया को पर्याप्त कंक्रीट कवर के भीतर रखा जाना चाहिए, ताकि वह जंग से सुरक्षित रहे और संरचना की मजबूती बनी रहे। निर्माण के दौरान ही सरिया का दिखाई देना गुणवत्ता संबंधी गंभीर लापरवाही माना जा रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि दीवार की ईंट चिनाई भी निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं की जा रही। निर्माण में गुनिया और लेवल का समुचित उपयोग नहीं होने से कई हिस्सों में दीवार सीधी नजर नहीं आ रही और आड़ी-तिरछी दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी प्रकार कार्य किया गया तो भविष्य में दीवार की मजबूती प्रभावित हो सकती है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में सीमेंट, रेत और गिट्टी का मिश्रण भी निर्धारित अनुपात के अनुसार नहीं किया जा रहा है। साथ ही घटिया गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किए जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। इससे निर्माण की गुणवत्ता और स्थायित्व को लेकर आशंकाएं बढ़ गई हैं।
तराई में भी बरती जा रही लापरवाही
ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य में आवश्यक क्योरिंग (तराई) भी नियमित रूप से नहीं की जा रही है। केवल औपचारिकता के तौर पर एक-दो दिन में एक बार पानी डाला जा रहा है। जबकि निर्माण विशेषज्ञों के अनुसार सीमेंटयुक्त निर्माण में नियमित और पर्याप्त तराई अत्यंत आवश्यक होती है। पर्याप्त क्योरिंग नहीं होने पर दीवारों और आरसीसी संरचनाओं में दरारें आने तथा उनकी मजबूती कम होने की संभावना रहती है।
निरीक्षण नहीं होने से बढ़ रही मनमानी की आशंका
ग्रामीणों का आरोप है कि जनपद पंचायत के संबंधित उपयंत्री और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा निर्माण कार्यों का नियमित निरीक्षण नहीं किया जा रहा है। तकनीकी निगरानी के अभाव में निर्माण कार्य मनमाने ढंग से किए जाने की स्थिति बन रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय-समय पर निरीक्षण किया जाता तो निर्माण के दौरान सामने आ रही खामियों को तत्काल सुधारा जा सकता था। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में अनियमितता और भ्रष्टाचार की आशंका जताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
निर्माण कार्यों में इन मानकों का पालन जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी बाउंड्रीवॉल निर्माण में मजबूत नींव, निर्धारित अनुपात में सामग्री का उपयोग, सरिया को पर्याप्त कंक्रीट कवर, सीधी एवं समतल चिनाई, नियमित तराई तथा तकनीकी अधिकारियों की सतत निगरानी आवश्यक होती है। इन मानकों की अनदेखी न केवल निर्माण की गुणवत्ता को प्रभावित करती है बल्कि सार्वजनिक धन के दुरुपयोग की आशंकाओं को भी जन्म देती है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए तथा यदि गुणवत्ता में कमी या अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।






