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आमला में नगर पालिका की ‘जीद’ से श्रीराम मार्केट के दुकानदार हुए बेहाल:
दो माह बाद भी अधूरा निर्माण, बारिश में डूबा सामान।
आमला। नगर पालिका प्रशासन की अदूरदर्शी कार्यप्रणाली और मनमानी का खामियाजा श्रीराम मार्केट के दुकानदार भुगत रहे हैं। करीब दो माह पूर्व सीएमओ के निर्देश पर राजस्व अमले ने आनन-फानन में कार्रवाई करते हुए मार्केट के तीन शेड तो ध्वस्त कर दिए, लेकिन उसके बाद काम को ‘राम भरोसे’ छोड़ दिया। अब मानसून की पहली बारिश ने ही नगर पालिका के दावों की पोल खोल दी है। शेड न होने के कारण दुकानों के भीतर पानी भर रहा है, जिससे व्यापारियों का सामान नष्ट हो रहा है।
सवाल: अतिक्रमण हटाना मकसद था या दुकानदारों को बर्बाद करना?
स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि पालिका प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के नाम पर दुकानें तो असुरक्षित कर दीं, लेकिन उसके बाद न तो फुटपाथ बनाया और न ही शेड का विकल्प दिया। बीते दो माह से निर्माण कार्य पूरी तरह बंद पड़ा है, जिससे मार्केट में हर समय धूल-मिट्टी और कीचड़ का आलम रहता है। व्यापारियों का कहना है कि उनकी रोजी-रोटी पर संकट मंडरा रहा है, लेकिन अधिकारी अपनी कुर्सियों पर बैठकर और आते जाते समय सिर्फ तमाशा देख रहे हैं।
जवाबदेही तय करने में चुप्पी।
निर्माण कार्य बीच में ही बंद कर देना और दुकानदारों को आर्थिक नुकसान के हवाले कर देना नगर पालिका और ठेकेदार की भारी लापरवाही को दर्शाता है। जनता पूछ रही है कि जब काम पूरा करने की नीयत ही नहीं थी, तो शेड हटाने की इतनी जल्दबाजी क्यों की गई? क्या इस प्रशासनिक विफलता की जिम्मेदारी तय होगी? क्या नुकसान झेल रहे दुकानदारों को कोई राहत दी जाएगी, या फिर यह प्रोजेक्ट भी भ्रष्टाचार और लेटलतीफी की भेंट चढ़ जाएगा?
श्री राम मार्केट के व्यापारी गनों का कहना है कि
“निर्माण कार्य में हो रही देरी के कारण व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। अगर जल्द काम शुरू नहीं हुआ तो हम उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।”
— व्यापारी संघ, श्री
राम मार्केट





