मध्य प्रदेश की राजनीति और खेल जगत से जुड़ी एक भावुक खबर सामने आई है। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी क्रांति गौड़ के पिता को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपना वादा निभाते हुए निलंबित किए गए पुलिसकर्मी मुन्ना सिंह को दोबारा पुलिस सेवा में बहाल कर दिया है। इस फैसले की हर तरफ चर्चा हो रही है।
कौन हैं क्रांति गौड़, जिनके लिए सरकार ने लिया फैसला
क्रांति गौड़ मध्य प्रदेश की बेटी हैं और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी रह चुकी हैं। वे उस टीम का हिस्सा थीं जिसने देश के लिए वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रचा। सीमित संसाधनों में पली-बढ़ी क्रांति ने अपनी मेहनत से देश और प्रदेश का नाम रोशन किया।
क्यों निलंबित किए गए थे क्रिकेटर के पिता
क्रांति गौड़ के पिता मुन्ना सिंह मध्य प्रदेश पुलिस में कार्यरत थे। किसी प्रशासनिक कारण से उन्हें निलंबित कर दिया गया था, जिससे परिवार को मानसिक और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। बेटी के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के बावजूद पिता की नौकरी का संकट परिवार पर भारी पड़ रहा था।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने निभाया अपना वादा
कुछ समय पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात के दौरान क्रांति गौड़ की समस्या उनके सामने रखी गई थी। मुख्यमंत्री ने तभी भरोसा दिलाया था कि न्याय जरूर मिलेगा। अब सीएम ने अपने शब्दों को सच करते हुए मुन्ना सिंह की पुलिस सेवा बहाल करने के निर्देश दिए।
मंत्री विश्वास सारंग ने दी जानकारी
प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने खुद इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश मिलते ही पुलिस मुख्यालय ने कार्रवाई करते हुए मुन्ना सिंह को फिर से सेवा में ले लिया। मंत्री ने कहा कि यह फैसला सरकार की संवेदनशीलता और खिलाड़ियों के प्रति सम्मान को दिखाता है।
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खिलाड़ियों के लिए बड़ा संदेश
यह फैसला सिर्फ एक परिवार को राहत देने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए एक मजबूत संदेश भी है। सरकार यह साफ कर चुकी है कि जो खिलाड़ी देश और प्रदेश का मान बढ़ाते हैं, उनके सम्मान और परिवार की सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार निभाएगी।





