भारतीय सर्राफा बाजार और कमोडिटी मार्केट से खरीददारों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। 8 जून 2026 को सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट देखने को मिली। जहां सोना 1300 रुपये से ज्यादा सस्ता हुआ, वहीं चांदी के दामों में लगभग 4000 रुपये प्रति किलो की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। ऐसे में शादी-विवाह और निवेश की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह सुनहरा मौका माना जा रहा है।
सोने की कीमत में आई बड़ी गिरावट
आज कमोडिटी बाजार में अगस्त 2026 डिलीवरी वाले गोल्ड फ्यूचर्स में भारी बिकवाली देखने को मिली। सोने की कीमत में 1,336 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई है। इसके बाद सोना 0.86 प्रतिशत टूटकर 1,54,258 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। लगातार बढ़ती कीमतों के बाद आई यह गिरावट आम ग्राहकों के लिए राहत लेकर आई है। खासकर शादी-ब्याह के सीजन में सोने की खरीदारी करने वालों को इसका सीधा फायदा मिल सकता है।
चांदी की चमक हुई फीकी, दामों में जोरदार टूट
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। जुलाई 2026 डिलीवरी वाली सिल्वर फ्यूचर्स में 3,994 रुपये प्रति किलो की भारी गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद चांदी का भाव 2,44,543 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया। चांदी में 1.61 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई है। औद्योगिक मांग में सुस्ती और निवेशकों की बिकवाली इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।
आखिर क्यों गिर रहे हैं सोना और चांदी के भाव?
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक वैश्विक स्तर पर अमेरिकी डॉलर की मजबूती सोने और चांदी पर दबाव बना रही है। इसके अलावा दुनिया के कई केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियां भी बुलियन मार्केट को प्रभावित कर रही हैं। वहीं मध्य पूर्व में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के बीच कई बड़े निवेशक मुनाफावसूली कर रहे हैं, जिसके कारण सोना और चांदी दोनों में बिकवाली बढ़ गई है।
आम खरीदारों के लिए सुनहरा मौका
कीमतों में आई इस गिरावट से आम लोगों को काफी फायदा हो सकता है। सर्राफा बाजार में आने वाले दिनों में सोने और चांदी के आभूषण भी अपेक्षाकृत सस्ते हो सकते हैं। जो लोग निवेश के लिए सही समय का इंतजार कर रहे थे, उनके लिए यह अवसर फायदेमंद साबित हो सकता है। हालांकि निवेश करने से पहले बाजार की चाल और विशेषज्ञों की सलाह जरूर लेनी चाहिए।
आगे क्या रहेगा सोना-चांदी का रुख?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक आंकड़े, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां और डॉलर इंडेक्स की चाल सोने-चांदी की कीमतों की दिशा तय करेंगे। यदि डॉलर और मजबूत होता है तो बुलियन मार्केट पर दबाव बना रह सकता है। वहीं किसी बड़े वैश्विक संकट की स्थिति में सोने और चांदी में दोबारा तेजी भी देखने को मिल सकती है। फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।
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