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केंद्र सरकार ने बढ़ाई खरीफ फसलों की MSP धान के समर्थन मूल्य में 100 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी

MSP Dhan Ke Samrthan Muly Me 100 Rupye Ki Badhotri: केंद्र सरकार ने बढ़ाई खरीफ फसलों की MSP धान के समर्थन मूल्य में 100 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी धान के समर्थन मूल्य में 100 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी, मोदी कैबिनेट ने बढ़ाई खरीफ फसलों की MSP मोदी सरकार ने अगले सीजन के लिए खरीफ की फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। बुधवार को मोदी कैबिनेट ने एक अहम फैसला लेते हुए किसानों को बड़ी राहत दी है। कैबिनेट और सीसीईए (CCEA) की अहम बैठक में केंद्र सरकार ने खरीफ की फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) को बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने 2022-23 फसल वर्ष के लिए सभी अनिवार्य खरीफ फसलों के लिए एमएसपी में वृद्धि को मंजूरी दी।

इसके साथ ही धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 100 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। 2022-23 फसल वर्ष के लिए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,040 रुपये प्रति क्विंटल होगा, जो पिछले साल 1,940 रुपये था। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने इस बारे में संवाददाताओं को जानकारी देते हुए कहा, ”आज की कैबिनेट बैठक में 14 खरीफ फसलों के एमएसपी को मंजूरी दी गई।”

इस साल के लिए धान की “ए” ग्रेड किस्म का समर्थन मूल्य 1,960 रुपये से बढ़ाकर 2,060 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। खरीफ की प्रमुख फसल धान है, जिसकी बुवाई शुरू हो चुकी है। मौसम विभाग ने जून-सितंबर की अवधि के लिए सामान्य मानसून का अनुमान लगाया है।

इस फैसले के बाद साल 2022-23 के लिए खरीफ की फसलों जैसे धान, सोयाबीन, मक्का आदि फसलों का MSP बढ़ जाएगा और किसानों को अपनी फसल की ज्यादा कीमत मिलेगी। मंत्री ने किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र के व्यापक विकास को सुनिश्चित करने के लिए मोदी सरकार द्वारा पिछले आठ वर्षों के दौरान शुरू किए गए कई कार्यक्रमों पर भी प्रकाश डाला।

आर्थिक मामलों की मंत्रीमंडलीय समिति (CCEA) की बैठक में इसे फैसले पर अंतिम मुहर लगाई गई है। इससे पहले, रसायन और उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा है कि भारत के पास खरीफ के साथ साथ रबी सत्र की उर्वरक की जरूरत को पूरा करने के लिए भी यूरिया का पर्याप्त स्टॉक है और दिसंबर तक इसका आयात करने की जरूरत नहीं होगी।

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