खबरवाणी
खापाखतेड़ा में दूध संकलन केंद्र पर बड़ा फर्जीवाड़ा, किसानों से धोखाधड़ी और मिलावटी दूध का खेल उजागर
शासन के नियमों को ताक पर रख अलग-अलग रेट में खरीदी; दूध की आड़ में व्हाइट पाउडर मिलाने का आरोप, किसान कांग्रेस के नेतृत्व में जनसुनवाई में की गई शिकायत
आमला। ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम खापाखतेड़ा से किसानों के शोषण और मिलावटखोरी का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां संचालित हो रहे एक निजी दूध संकलन केंद्र द्वारा क्षेत्र के सीधे-साधे किसानों के साथ न केवल आर्थिक धोखाधड़ी की जा रही है, बल्कि लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करते हुए मिलावटी दूध बेचने का काला कारोबार भी धड़ल्ले से चल रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर आज पीड़ित किसानों ने किसान कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रविकांत उघडे के नेतृत्व में किसानों द्वारा जनपद पंचायत आमला में ब्लॉक स्तर पर चल रही जनसुनवाई पहुंचकर अनुविभागीय अधिकारी कामिनी ठाकुर को लिखित ज्ञापन सौंपा एवं जांच कार्यवाही मांग की गई है
मनमाने रेट तय कर किसानों को कर रहे गुमराह
खापाखतेड़ा में संचालित निजी दूध संकलन केंद्र के संचालक दीपक देशमुख द्वारा आसपास के अलग-अलग गांवों के पशुपालकों और किसानों को लंबे समय से गुमराह किया जा रहा है। वर्तमान में शासन द्वारा दूध खरीदी के लिए 8.70 रुपये प्रति फैट का नियम और दर निर्धारित की गई है। इसके विपरीत, संकलन केंद्र का संचालक अपनी मनमर्जी चला रहा है। वह अलग-अलग गांवों में अलग-अलग दरों पर दूध की खरीदी कर रहा है। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि केंद्र संचालक कहीं पर 9.50 रुपये प्रति फैट तो कहीं पर महज 8.20 रुपये प्रति फैट के हिसाब से भुगतान कर रहा है। दर में इस तरह के बड़े अंतर के कारण क्षेत्र के किसानों को हर महीने हजारों रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
दूध की आड़ में हानिकारक पाउडर मिलाने की आशंका
किसानों भोजराज लोखंडे, प्रमोद देशमुख ,दुर्गेश, गोलू देशमुख ने शिकायत में बताया कि आर्थिक हेरफेर तक ही सीमित नहीं है। ग्रामीणों ने जनसुनवाई में बेहद चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि दूध संकलन की आड़ में केंद्र पर बड़े पैमाने पर मिलावटखोरी को अंजाम दिया जा रहा है। शिकायत के मुताबिक, संकलन केंद्र पर दूध की मात्रा और गाढ़ापन बढ़ाने के लिए कथित तौर पर हानिकारक पाउडर (YAE POWDER) मिलाए जाने की प्रबल आशंका है। इस मिलावटी और जहरीले दूध को आगे बाजारों में सप्लाई किया जा रहा है, जिससे आम जनता और मासूम बच्चों के स्वास्थ्य पर बेहद विपरीत असर पड़ सकता है।
जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
किसान कांग्रेस अध्यक्ष रविकांत उघड़े ने कहा कि शासन के नियमों का सरेआम उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल खाद्य सुरक्षा विभाग (फूड सेफ्टी टीम) और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम बनाकर इस डेयरी पर छापा मारा जाए। वहां उपलब्ध दूध और पाउडर के सैंपल लेकर लैब टेस्ट कराए जाएं, ताकि मिलावटखोरी के इस बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हो सके। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दूध केंद्र संचालक के खिलाफ सख्त कानूनी कदम नहीं उठाए गए, तो किसान उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।





