AI टूल्स इस्तेमाल करने वाले यूज़र्स के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। Google ने अपने AI प्लेटफॉर्म पर नया Gemini 3.5 Flash Low मॉडल लॉन्च कर दिया है। इस नए मॉडल की सबसे खास बात यह है कि यह पहले के मुकाबले काफी कम टोकन खर्च करेगा। यानी अब बार-बार लिमिट खत्म होने का झंझट कम होगा और लोग लंबे समय तक आराम से काम कर पाएंगे।
यूज़र्स की शिकायत के बाद आया नया मॉडल
पिछले कुछ महीनों से कई यूज़र्स लगातार शिकायत कर रहे थे कि छोटे-छोटे coding tasks में भी बहुत ज्यादा tokens खर्च हो रहे हैं। खासकर वे लोग जो रोजाना AI tools से coding, debugging और software development का काम करते हैं, उन्हें बीच में ही काम रोकना पड़ रहा था। इसी परेशानी को देखते हुए Google DeepMind की टीम ने नया Gemini 3.5 Flash Low मॉडल तैयार किया है।
अब 45% कम Tokens होंगे खर्च
Google के अनुसार नया मॉडल output generation के दौरान लगभग 45 प्रतिशत कम tokens इस्तेमाल करेगा। इसका मतलब यह है कि पहले जहां एक project में token जल्दी खत्म हो जाते थे, अब वही काम ज्यादा समय तक बिना रुकावट के किया जा सकेगा। देसी भाषा में कहें तो अब AI यूज़र्स की “token वाली टेंशन” काफी हद तक खत्म होने वाली है।
Performance में नहीं होगी कोई कमी
कंपनी का दावा है कि कम token खर्च होने के बावजूद performance में कोई गिरावट नहीं आएगी। Coding, software engineering और AI development जैसे tasks में यह मॉडल पहले जितना ही दमदार रहेगा। यानी कम खर्च में भी users को बढ़िया और तेज रिजल्ट मिलने वाले हैं। इससे freelancers, developers और students को बड़ा फायदा मिलेगा।
Gemini Flash अब तीन वेरिएंट में उपलब्ध
Google ने अब अपने Gemini Flash मॉडल को तीन हिस्सों में बांट दिया है। पहला है Flash Low, जो छोटे और रोजमर्रा के कामों के लिए बनाया गया है। दूसरा है Flash Medium, जो पुराना standard मॉडल माना जाएगा। वहीं तीसरा है Flash High, जिसे heavy coding और complex AI tasks के लिए तैयार किया गया है। इससे users अपनी जरूरत के हिसाब से मॉडल चुन सकेंगे।
Free Users को भी मिलेगा फायदा
सबसे बड़ी बात यह है कि Google ने सिर्फ नया मॉडल लॉन्च नहीं किया, बल्कि सभी subscription plans का quota भी reset कर दिया है। इसका फायदा free users को भी मिलेगा। यानी जिन लोगों के पास paid plan नहीं है, वे भी अब लंबे समय तक AI tools इस्तेमाल कर पाएंगे। Google का मकसद साफ है — यूज़र्स बिना रुकावट के अपने projects पूरे कर सकें और बार-बार limit खत्म होने की परेशानी से बचें।
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