खबरवाणी
आमला की माटी से एक भावुक विदाई: ‘अधिकारी’ नहीं, ‘अपने’ के तौर पर याद किए जाएंगे SDM शैलेंद्र बड़ोनिया
प्रशासन और जनसेवा के बीच सेतु बने बड़ोनिया का स्नेहपूर्ण विदाई समारोह
आमला।
आमला के अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) शैलेंद्र बड़ोनिया के हरदा स्थानांतरण पर आयोजित विदाई समारोह में प्रशासनिक औपचारिकताएं गौण दिखीं और आत्मीयता का भाव सर्वोपरि रहा। शनिवार को भवानी लॉन में आयोजित इस गरिमामय समारोह में आमला के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों,अधिवक्तागण कर्मचारियों और आम नागरिकों ने अपने प्रिय अधिकारी को नम आंखों से विदाई दी।
“दिलों पर छोड़ी अमिट छाप”
विदाई संदेश में मुख्य रूप से यह कहा गया कि, “आपने केवल सरकारी फाइलों पर हस्ताक्षर नहीं किए, बल्कि हमारे दिलों पर अपनी कार्यकुशलता और शालीनता की अमिट छाप छोड़ी है”।
समारोह में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि श्री बड़ोनिया ने प्रशासन को जनसरोकारों से जोड़ने का अनूठा उदाहरण पेश किया। चाहे चुनाव की जटिल चुनौतियां हों या जनसमस्याओं का निराकरण, उन्होंने हमेशा मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता दी। उनका व्यवहार ‘हुक्म चलाने’ का नहीं, बल्कि ‘सहयोग करने’ का रहा, जिसने उन्हें आमजन के बीच एक सहज और सरल मार्गदर्शक के रूप में स्थापित किया।
गौशाला में ली गौ-माता का आशीर्वाद
विदाई समारोह से पूर्व, एसडीएम श्री बड़ोनिया ने नगर की गौशाला पहुंचकर विधि-विधान से गौ-पूजन किया। गौशाला सेवा समिति के सदस्यों ने उन्हें सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह क्षण उनके सरल और धार्मिक व्यक्तित्व को प्रदर्शित करता है।
कार्यक्रम के अंत में स्नेहभोज का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित सभी लोगों ने उनके सुखद भविष्य की कामना की। आमला वासी इस बात के साक्षी बने कि एक संवेदनशीलजा अधिकारी का पद भले ही बदल जाए, लेकिन उनके द्वारा स्थापित कार्यकुशलता और सेवाभाव बनी होनी चाहिए।





