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सब्सिडी वाली खाद के साथ अनुपयोगी उत्पादों की जबरन लिंकिंग अपराध घोषित हो

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खबरवाणी

सब्सिडी वाली खाद के साथ अनुपयोगी उत्पादों की जबरन लिंकिंग अपराध घोषित हो

खाद बीज विक्रेताओं ने नायब तहसीलदार को सौपा ज्ञापन

मुलताई। नगर के खाद,बीज, कीटनाशक दवाई विक्रेता कृषि आदान विक्रेता संघ द्वारा सोमवार को प्रधानमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौपा है।संघ द्वारा सौपे गए ज्ञापन मे बताया
खाद पर जबरन लिंकिंग पर पूर्ण पूर्ण प्रतिबंधः उर्वरक निर्माता कंपनियों द्वारा सब्सिडी वाले खाद के साथ अनुपयोगी उत्पादों की ‘जबरन लिंकिंग’ को अपराध घोषित किया जाए। उत्तर प्रदेश सरकार के निर्णय की तर्ज पर पूरे देश में अनुदानित उर्वरक के साथ गैर-अनुदानित उत्पाद बेचने की बाध्यता पर रोक लगे। खाद की डिलीवरी डीलर के बिक्री केंद्र तक कंपनियों द्वारा सुनिश्चित की जाए। वर्तमान में यूरिया जैसे खाद की डिलीवरी रेल-हेड पर दी जा रही है, जिससे डीलरों को प्रति बैग 40 से 50 रुपये का अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ रहा है।बढ़ती लागत और महंगाई को देखते हुए उर्वरकों पर डीलर मार्जिन को बढ़ाकर कम से कम 8 प्रतिशत किया जाए। ग्रामीण खुदरा विक्रेताओं के लिए इस पोर्टल को वैकल्पिक बनाया जाए और इसकी अनिवार्यता केवल निर्माताओं एवं थोक विक्रेताओं तक सीमित रखी जाए। अवैध बीजों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगे या अधिकृत डीलरों को विनियमित बिक्री की अनुमति दी जाए। खाद, बीज एवं कीटनाशक के सीलबंद पैकिंग में नमूना होने पर विक्रेता को अपराधी नहीं, बल्कि केवल गवाह माना जाए। चूंकि विक्रेता जिला कृषि अधिकारी से प्राप्त लाइसेंस के आधार पर केवल सीलबंद माल बेचता है, अतः गुणवत्ता की पूर्ण जिम्मेदारी निर्माता कंपनी की होनी चाहिए। कंपनियों के लिए पुराने या एक्सपायर्ड स्टॉक को वापस लेना कानूनी रूप से अनिवार्य किए सहित अन्य मांगो को पूरी करने की मांग की है, अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी है।

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