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जन-विश्वास शिविर के बाद ‘आवास’ की फरियाद, कलेक्टर की गाड़ी के सामने बैठा हितग्राही
कलेक्टर ने गाड़ी से उतरकर सुनी समस्या, माजरवानी पंचायत के हितग्राही ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की लगाई गुहार
भैंसदेही। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 के तहत शुक्रवार को भैंसदेही जनपद पंचायत एवं नगर परिषद क्षेत्र के लिए आयोजित शिविर में जहां ग्रामीणों और नगरवासियों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं, वहीं शिविर समाप्त होने के बाद एक ऐसा मामला सामने आया जिसने प्रधानमंत्री आवास योजना के जमीनी क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए।
शिविर समाप्त होने के बाद भैंसदेही जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत माजरवानी के एक हितग्राही ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिलने की फरियाद लेकर कलेक्टर की गाड़ी के सामने बैठकर अपनी बात रखने का प्रयास किया। हितग्राही का कहना था कि वह आवास योजना के लाभ की उम्मीद लगाए हुए है, लेकिन अभी तक उसे योजना का लाभ नहीं मिल पाया है।
गाड़ी रोककर कलेक्टर ने सुनी फरियाद
हितग्राही को गाड़ी के सामने बैठा देखकर कलेक्टर ने गाड़ी से उतरकर उसकी समस्या सुनी। उन्होंने हितग्राही की पूरी बात सुनी तथा संबंधित मामले की जानकारी लेने के निर्देश दिए। कलेक्टर के मौके पर रुककर समस्या सुनने से हितग्राही को सीधे अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाने का अवसर मिला।
हितग्राही ने प्रशासन से मांग की कि उसके मामले की जांच कर उसकी पात्रता की स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि वह योजना के लिए पात्र है तो उसे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया जाए।
शिविर खत्म हुआ, लेकिन फरियाद लेकर सड़क पर बैठना पड़ा
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान का उद्देश्य आमजन की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाकर उनके निराकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है। ऐसे में शिविर समाप्त होने के बाद माजरवानी पंचायत के हितग्राही का अपनी समस्या लेकर कलेक्टर की गाड़ी के सामने बैठना प्रशासनिक व्यवस्था के लिए भी एक महत्वपूर्ण सवाल खड़ा करता है।
यदि शिविर में ही हितग्राही की समस्या का समाधान या उसकी पात्रता की स्थिति स्पष्ट हो जाती, तो संभवतः उसे इस तरह अपनी फरियाद लेकर कलेक्टर की गाड़ी तक पहुंचने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
अब जांच के बाद साफ होगी पात्रता की स्थिति
मामले में संबंधित विभाग द्वारा हितग्राही की पात्रता, आवास योजना की सूची में उसका नाम तथा पूर्व में किए गए आवेदन की स्थिति की जांच किए जाने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल कलेक्टर द्वारा मौके पर समस्या सुने जाने के बाद हितग्राही को प्रशासन से समाधान की उम्मीद बंधी है।
शिविर के बाद सामने आया यह मामला बताता है कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए केवल शिविर आयोजित करना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि पात्र हितग्राहियों की समस्याओं का समय पर निराकरण भी जरूरी है।





