Tuesday, August 16, 2022
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Betul News : प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में पहुंचा मेडिकल वेस्ट का मामला

मेडिकल वेस्ट फेंकने वाले की पुलिस कर रही तलाश

बैतूल – नगर के न्यू बैतूल स्कूल खेल मैदान पर मेडिकल वेस्ट फेंके जाने का मामला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में पहुंच गया है। इस मामले में पुलिस भी खेल मैदान पर मेडिकल वेस्ट फेंकने वाले डॉक्टर की सरगर्मी से तलाश करने में जुट गई है। पिछले दिनों न्यू बैतूल स्कूल खेल मैदान पर मेडिकल वेस्ट फेंकने के मामले में स्कूल के प्राचार्य ने कोतवाली में आवेदन दिया है। प्राचार्य का कहना है कि मैदान में बच्चे खेलने आते हैं। इस तरह का खतरनाक कचरा मैदान में फेंका जाएगा तो बच्चों के स्वास्थ्य पर इसका विपरित असर पड़ेगा।

इस मामले में स्कूल मैदान के आसपास दंत विशेषज्ञ डॉक्टरों के जो क्लीनिक है। उनसे भी बात की जा रही है। सांध्य दैनिक खबरवाणी ने दो चिकित्सकों से बात की है। इन चिकित्सकों का भी कहना है कि उनके द्वारा यह कार्य नहीं किया गया है। उनका कंपनी से अनुबंध है और मेडिकल वेस्ट डिस्पोज करने के लिए गाड़ी आती है। इस मामले को लेकर सीएमएचओ डॉ. एके तिवारी और आईएमए के सचिव डॉ. योगेश पंडाग्रे ने भी गंभीर बताया था।

बोले डॉक्टर कंपनी से है अनुबंध

कोठीबाजार में क्लीनिक संचालित करने वाले दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. नरेश क्रिसनानी से जब सांध्य दैनिक खबरवाणी ने चर्चा की तो उनका कहना है कि उनके क्लीनिक में उपचार के दौरान जो मेडिकल वेस्ट निकलता है उसे वे मेडिकल डिस्पोज करने वाली कंपनी के वाहन में डालते हैं। महीने में दो से तीन बार कंपनी की गाड़ी आती है और मेडिकल वेस्ट ले जाती है। कंपनी का नाम मुझे याद नहीं है कागज देखकर बताऊंगा।

वहीं दूसरे दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. दिव्यांश वर्मा का कहना है कि मेडिकल वेस्ट का डिस्पोज करने के लिए सीहोर की कंपनी से अनुबंध है। कंपनी वाहन सप्ताह में एक बार आता है और मेडिकल वेस्ट उसी में डाला जाता है।

होगी कड़ी कार्यवाही:प्रदूषण बोर्ड

छिंदवाड़ा और बैतूल जिले के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अविनाश सी करेरा से मेडिकल वेस्ट फेंकने को लेकर सांध्य दैनिक खबरवाणी ने चर्चा की तो उनका कहना था कि यह बहुत ही गंभीर मामला है। अगर यह सिद्ध हो जाता है कि किस डॉक्टर ने यह कचरा फेंका है तो उसके खिलाफ बायोमेडिकल रूल्स के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जाती है। इस मामले में बोर्ड के द्वारा सीएमएचओ को भी कार्यवाही की अनुशंसा की जाती है। प्रेक्टिस पर भी रोक लगाई जा सकती है। श्री करेरा ने बताया कि इस मामले को लेकर बैतूल सीएमएचओ डॉ. एके तिवारी ने भी उन्हें जानकारी दी थी। बोर्ड के द्वारा इसे गंभीरता से लिया जा सकता है।

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