Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान सुरक्षा को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक CRPF और राज्य पुलिस के बीच तालमेल की भारी कमी देखने को मिली। जहां एक तरफ केंद्रीय बलों को शांतिपूर्ण मतदान कराने की जिम्मेदारी दी गई थी, वहीं दूसरी तरफ उन्हें स्थानीय स्तर पर सहयोग नहीं मिल पाया।
बस नहीं, ट्रकों में भेजे गए जवान
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि CRPF जवानों को ड्यूटी के लिए बसों की बजाय ट्रकों में भेजा गया। सूत्रों के अनुसार कई जगहों पर बसों की व्यवस्था सिर्फ कागजों तक सीमित रही। जमीन पर जवानों को “जानवरों की तरह ठूंसकर” ट्रकों में भेजा गया, जो सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
West Bengal Police और Kolkata Police पर आरोप
CRPF के वरिष्ठ अधिकारियों ने आरोप लगाया कि West Bengal Police और Kolkata Police ने सहयोग नहीं किया। कई बार गलत जानकारी दी गई और संयुक्त ऑपरेशन भी नहीं हुए। इससे जवानों को ड्यूटी निभाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
Mamata Banerjee पहले ही कर चुकी थीं विरोध
मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने पहले ही केंद्रीय बलों की तैनाती का विरोध किया था। लेकिन Election Commission of India ने सुरक्षा के मद्देनजर CRPF की तैनाती को जरूरी बताया। इसके बावजूद चुनाव के दौरान दोनों एजेंसियों के बीच तालमेल की कमी साफ नजर आई।
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फिर भी शांतिपूर्ण मतदान कराने में सफल रहे जवान
इतनी मुश्किलों के बावजूद CRPF जवानों ने अपनी जिम्मेदारी निभाई और कई संवेदनशील बूथों पर शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित किया। उनका एक ही मकसद था—किसी भी हालत में सुरक्षा में ढील नहीं। और जमीनी हकीकत में उन्होंने यह करके भी दिखाया।





