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आमला। प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: आमला में रुकवाया गया बाल विवाह, उम्र में अंतर देख पिता ने भी मानी गलती
दस्तावेजों में उम्र कम पाए जाने पर प्रशासन ने दी समझाइश, वर-वधू पक्ष 18 वर्ष पूर्ण होने पर शादी करने के लिए हुए राजी
आमला। अनुविभागीय अधिकारी शैलेंद्र बड़ोनिया के मार्गदर्शन में राजस्व और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम खारी मोरखा में समय रहते एक बाल विवाह को रुकवाने में बड़ी सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई उस समय हुई जब गांव में शादी की तैयारियां चल रही थीं। प्रशासन को सूचना मिली थी कि खारी निवासी श्री राम डांगे की पुत्री की आयु विवाह योग्य नहीं है।
अभिलेखों की जांच में खुली पोल
सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला गांव पहुंचा और बालिका के उम्र से संबंधित दस्तावेजों का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच के दौरान यह पाया गया कि आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र में जन्मतिथि 11/04/2008 दर्ज थी, जिसके अनुसार वह बालिग (18 वर्ष) नजर आ रही थी। परंतु जब आंगनवाड़ी टीकाकरण रजिस्टर और सर्वे पंजी का मिलान किया गया, तो उसमें जन्मतिथि 11/04/2011 अंकित पाई गई। रिकॉर्ड में आए इस बड़े अंतर से यह स्पष्ट हो गया कि बालिका अभी नाबालिग है और उसकी उम्र मात्र 13 से 15 वर्ष के बीच है।
पिता ने दी सहमति, पंचनामा तैयार
मौके पर मौजूद परियोजना अधिकारी निर्मल सिंह ठाकुर, तहसीलदार श्रीमती ऋचा कौरव और पर्यवेक्षक श्रीमती देवा बेले ने बालिका के पिता श्री राम डांगे को कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। प्रशासन ने समझाया कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बालिका के स्वास्थ्य और भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है। अधिकारियों की समझाइश का सकारात्मक असर हुआ और पिता ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए फिलहाल विवाह न करने का लिखित संकल्प लिया।
ग्रामीणों के समक्ष लिया निर्णय
प्रशासन की मौजूदगी में गांव के सरपंच, पटवारी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के समक्ष एक ‘पंचनामा’ तैयार किया गया। इसमें दोनों पक्षों ने आपसी सहमति जताई कि जब तक बेटी 18 वर्ष की आयु पूर्ण नहीं कर लेती, तब तक उसका विवाह नहीं किया जाएगा। टीम ने सख्त निर्देश दिए हैं कि नियम का उल्लंघन करने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।





