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अभाविप की वंदेमातरम रथ यात्रा में मिला पूज्य शंकराचार्य स्वामी सदानंद जी महाराज का सानिध्य
वंदे मातरम् गायन के 150 वर्ष पूर्ण होने पर अभाविप की रथ यात्रा का नरसिंहपुर जिले में ऐतिहासिक, भव्य एवं प्रेरणादायी स्वागत
नरसिंहपुर।अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) नरसिंहपुर विभाग द्वारा ‘वंदे मातरम्’ गायन के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित रथ यात्रा का जिलेभर में अभूतपूर्व, ऐतिहासिक एवं उत्साहपूर्ण स्वागत किया गया।यह यात्रा 15 अप्रैल को कटनी से शुरू हुई एवं 23 अप्रैल को नरसिंहपुर नगर में समाप्त हुई। राष्ट्रभक्ति की भावना से ओतप्रोत इस यात्रा ने नरसिंहपुर के गोटेगांव, करेली, बरमान, तेंदूखेड़ा, गाडरवारा एवं नरसिंहपुर सहित जिले के विभिन्न नगरों में जन-जन को जोड़ते हुए एक सशक्त सांस्कृतिक एवं राष्ट्रवादी चेतना का वातावरण निर्मित किया।
यात्रा के दौरान छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, अभिभावकों एवं नागरिकों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई। प्रत्येक नगर में देशभक्ति के गीत, भारत माता की आरती, मशाल यात्राएँ, बाइक रैलियाँ एवं संगोष्ठियों के माध्यम से ‘वंदे मातरम्’ के गौरवशाली इतिहास एवं स्वतंत्रता संग्राम में उसके योगदान को जन-जन तक पहुँचाया गया।
विशेष आकर्षण – पूज्य शंकराचार्य सदानंद जी महाराज का सानिध्य
इस भव्य रथ यात्रा की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि यात्रा के दौरान परमपूज्य शंकराचार्य स्वामी श्री सदानंद सरस्वती जी महाराज का पावन सानिध्य एवं आशीर्वाद प्राप्त हुआ। उनके सानिध्य ने पूरे आयोजन को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान की तथा विद्यार्थियों में राष्ट्र के प्रति समर्पण एवं कर्तव्यबोध की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया।
नगर-वार प्रमुख कार्यक्रमों की झलक
गोटेगांव:
नगर इकाई द्वारा विशाल एवं आकर्षक मशाल यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों विद्यार्थियों एवं नागरिकों ने भाग लिया। भारत माता की आरती के साथ रथ का भव्य स्वागत किया गया। तत्पश्चात मुरलीधर विद्यालय में एक गरिमामयी संगोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें वक्ताओं ने ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला।
करेली:
करेली नगर में रथ यात्रा का स्वागत भव्य बाइक रैली के माध्यम से किया गया। महात्मा गांधी पीजी कॉलेज एवं के.आर.वी. स्कूल में आयोजित संगोष्ठियों में विद्यार्थियों को राष्ट्रगीत के महत्व से अवगत कराया गया।
बरमान:
बरमान नगर में विद्यार्थियों के मध्य विशेष संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के महत्व एवं उसके ऐतिहासिक योगदान पर विस्तृत चर्चा हुई।
तेंदूखेड़ा:
यहाँ मशाल यात्रा के माध्यम से रथ का उत्साहपूर्वक स्वागत किया गया। नगर में देशभक्ति का वातावरण देखते ही बनता था।
गाडरवारा:
न्यू एज पब्लिक स्कूल एवं कन्या शाला में आयोजित संगोष्ठियों में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सहभागिता की। कार्यक्रमों में राष्ट्रभक्ति एवं सांस्कृतिक गौरव की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
नरसिंहपुर (समापन):
रथ यात्रा का भव्य समापन नरसिंहपुर में हुआ, जहाँ मशाल यात्रा के साथ रथ का स्वागत किया गया। चावरा विद्यापीठ, सियल इंटरनेशनल स्कूल, शिशु मंदिर, एक्सीलेंस स्कूल एवं पीजी कॉलेज में क्रमशः कार्यक्रम आयोजित हुए। विशेष रूप से चावरा विद्यापीठ में हजारों विद्यार्थियों की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम अत्यंत प्रेरणादायी रहा।
प्रांत मंत्री सुव्रत बाझल जी का उद्बोधन
चावरा विद्यापीठ में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में अभाविप के प्रांत मंत्री श्री सुव्रत बाझल जी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, उसकी सांस्कृतिक चेतना और स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरक शक्ति है।’ उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे ‘वंदे मातरम्’ के संपूर्ण स्वरूप को आत्मसात करें और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ।
उन्होंने आगे कहा कि ‘आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी अपने गौरवशाली इतिहास को जाने, समझे और उससे प्रेरणा लेकर राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करे। वंदे मातरम् का भाव हमें केवल भावनात्मक रूप से नहीं, बल्कि कर्म के स्तर पर भी राष्ट्र के प्रति समर्पित होने की प्रेरणा देता है।’
उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, संगठन और राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर चलते हुए भारत को विश्वगुरु बनाने में योगदान देने का आह्वान किया।
नेतृत्व एवं कार्यकर्ताओं का सराहनीय योगदान
इस व्यापक एवं सफल आयोजन में अभाविप के प्रदेश मंत्री सुब्रत जैन एवं जिला संगठन मंत्री प्रिंस तिवारी का मार्गदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। साथ ही विभिन्न नगरों के संयोजकों—गोटेगांव के अमन साहू, करेली के आशुतोष रजक, बरमान के हर्षुल चौबे एवं गाडरवारा के प्रिंस—ने अपने-अपने क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जिले के प्रत्येक नगर में विद्यार्थी परिषद के समर्पित एवं अनुशासित कार्यकर्ताओं की सक्रिय उपस्थिति रही, जिन्होंने इस आयोजन को एक जन-आंदोलन का स्वरूप प्रदान किया।
उद्देश्य एवं निष्कर्ष
इस रथ यात्रा का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय महत्व से परिचित कराना तथा उनमें राष्ट्रभक्ति की भावना को जागृत करना था। इस दृष्टि से यह यात्रा पूर्णतः सफल रही और जिलेभर में एक सकारात्मक एवं प्रेरणादायी संदेश देने में सक्षम हुई ।





