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डॉक्टर का पहला उद्देश्य मरीज की जान बचाना
ना कि पैसा कमाना होना चाहिये.. दत्तू मेढ़े
बुरहानपुर के एक निजी अस्पताल द्वारा बैतूल जिले के
गरीब निर्धन बालक का एक्सीडेंट मे उसका फेफड़ा फट गया था और एक पैर, कन्धा,पूरी तरीके से निष्क्रिय हो चुका था, कोई मदद करने के लिए तैयार नहीं था परंतु एक निजी अस्पताल ऋषि बंड को फोन के माध्यम से निवेदन किया गया था और उन्होंने अपने हॉस्पिटल में यह कार्य को उन्होंने अंजाम दिया किसी प्रकार का कोइ भी एडवांस बगैर अपना काम चालू कर दिया और बंदे को एक महीने के भीतर ही डॉ अरविंद कुमार डॉक्टर हिमांशु पटेल की टीम के द्वारा उनकी मदद से खड़ा करके उसके घर एंबुलेंस के माध्यम से पहुंचाया गया उसका भी खर्च अस्पताल के माध्यम से दिया गया कुल खर्च 2लाख 76हजार था, जिसमें पीड़ित परिवार ने अपनी बकरी बेचकर कुछ पैसे दिए गए थे, और आयुष्मान कार्ड के माध्यम से मात्र 22 हजार स्वीकृत किए गए थे, शेष पैसा हॉस्पिटल के द्वारा उसे जान बचने पर माफ कर दिया गया, आज भीम आर्मी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दत्तू मेढ़े के अपने हाथो से डॉक्टरो का सम्मान करते हुये शॉल देकर किया और कहा इसी प्रकार डॉक्टरो का उद्देश्य पहले जान बचाना होना चाहिए ना कि पैसा कमाना, समय-समय पर गरीबों की मदद भी होना चाहिए,मेढ़े द्वारा अस्पताल प्रबंधक और पूरी टीम का भी आभार व्यक्त किया गया, उसके बाद सुनील चौहान पेसेंट का भी सम्मान करके नये जीवन मिलने की बधाई दी गई उसके के बाद घर बैतूल रवाना किया गया





