न्याय के लिए लड़ी थी वर्षा गढ़ेकर
Betul News – मुलताई(पियूष भार्गव) – राजनैतिक रूप से जागरूक माने जाने वाले मुलताई क्षेत्र एक बार फिर बैतूल जिले सहित नर्मदापुरम संभाग में चर्चा का विषय बन गया है क्योंकि प्रदेश में नगरीय निकाय के चुनाव होने के बाद संभवत: मुलताई नगर पालिका ऐसी पहली संस्था हो गई है जहां भाजपा के विद्रोहियों ने कांग्रेस को नपाध्यक्ष पद सौंपा और भाजपा की ही पार्षद ने न्याय के लिए लड़ाई लड़ते हुए शासन के सहयोग से नपा अध्यक्ष पद पा लिया।
लगभग 8 माह पूर्व नगर पालिका परिषद के चुनाव संपन्न हुए थे जिसमें 9 पार्षद भाजपा और 6 पार्षद कांग्रेस के निर्वाचित हुए थे लेकिन अध्यक्ष पद के निर्वाचन के दौरान कुछ देर पहले भाजपा के दो पार्षद विद्रोह कर गए और भाजपा की ही एक पार्षद नीतू परमार भाजपा की नपाध्यक्ष के लिए अधिकृत के लिए प्रत्याशी वर्षा गढ़ेकर के खिलाफ मैदान में उतर गई और 9 वोट पाकर अध्यक्ष निर्वाचित हो गई। और बाद में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के सामने कांग्रेस में शामिल हो गई।
नपाध्यक्ष के निर्वाचन के दिवस से ही भाजपा इस अध्यक्ष के चुनाव को अवैध मानते हुए राज्य शासन को आरोप पत्र द्वारा अपनी बात रख चुकी थी। इसी दौरान नपाध्यक्ष का चुनाव हारी वरिष्ठ भाजपा नेत्री वर्षा गढ़ेकर ने मुलताई न्यायालय में नीतू परमार का चुनाव शून्य घोषित करने के लिए मामला दायर कर दिया जिसका फैसला गत दिनों सामने आया। और नीतू परमार अवैध शून्य घोषित करते हुए मुलताई नपाध्यक्ष पद रिक्त घोषित कर दिया।
मध्य प्रदेश शासन नगरीय विकास एवं आवास विभाग के उप सचिव आरके कार्तिकेय ने मंगलवार आदेश जारी करते हुए वर्षा गढ़ेकर को आगामी आदेश तक अथवा नए अध्यक्ष के निर्वाचित होने तक नगर पालिका परिषद मुलताई का अध्यक्ष नियुक्त किया है। आदेश में उल्लेख किया है कि न्यायालय प्रथम जिला न्यायाधीश मुलताई द्वारा 13 जून को नगर पालिका अध्यक्ष के निर्वाचन को अवैध एवं शून्य घोषित कर दिया था। इसके चलते नगर पालिका मुलताई में अध्यक्ष का पद रिक्त हो गया। राज्य शासन द्वारा मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 37 ( 2) में निहित शक्तियों के तहत वर्षा गढ़ेकर को आगामी आदेश तक नगर पालिका अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
इस संबंध में कानून के जानकारों का कहना है कि नीतू परमार न्यायालय प्रथम जिला न्यायाधीश के आदेश को मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में चेलैंज करती हैं और यदि न्यायालय ने यथावत स्थिति का आदेश दिया तो अब वर्षा गढ़ेकर के अध्यक्ष पद का पदभार संभालने के बाद यह आदेश वर्षा गढ़ेकर के पक्ष में ही हो सकता है। और राजनैतिक जानकारों का यह मानना है कि अब वर्षा गढ़ेकर तब तक तो नपाध्यक्ष पद पर बनी रह सकती ही हैं। जब तक प्रदेश में भाजपा की सरकार है।
जनता के विश्वास पर खरा उतरने का करूंगी प्रयास:वर्षा गढेकर | Betul News
राज्य शासन द्वारा मंगलवार को भगतसिहं वार्ड की पार्षद वर्षा गढेकर को नगर पालिका अध्यक्ष मनोनीत करने के बाद बुधवार की दोपहर 11 बजे नगर पालिका अध्यक्ष वर्षा गढेकर भाजपा नेता एवं कार्यकर्ता भाजपा पार्षदो के साथ नगर पालिका पहुची जहॉं उन्हो ने सीएमओ नितिन बिजवे की उपस्थिति में अध्यक्ष पद का प्रभार ग्रहण किया जिसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओ को संबोधित करते हुए नगर पालिका अध्यणक्ष श्रीमति गढेकर ने कहा कि शासन ने मुझे अध्यक्ष नियुक्ति किया है। मंै नगर की जनता के विश्वास पर खरा उतरने का प्रयास करूंगी। इस दौरान पूर्व विधायक चन्द्रशेखर देशमुख, वरिष्ठ नेता हेमंतराव देशमुख, राजेश पाठक, भास्कर मगरदे, विजय शुक्ला, भाजपा पार्षद शिल्पा शर्मा, अजय यादव, कुसुम पवार सहित भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।





