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हेडलाइन – कराटे में अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय गोल्ड मेडल जीतने वाली श्रीमती सोनिका जाटव बनीं शिक्षा, खेल और समाजसेवा में युवाओं की प्रेरणा
एंकर – गाडरवारा क्षेत्र की होनहार बेटी श्रीमती सोनिका जाटव ने शिक्षा, खेल और समाजसेवा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। वर्ष 1998 में जन्मीं श्रीमती सोनिका ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से बहुमुखी प्रतिभा का परिचय देते हुए विभिन्न क्षेत्रों में कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं, जो आज के युवाओं और महिलाओं के लिए एक मिसाल बन चुकी हैं।
उच्च शिक्षा के साथ NCC में दिखाया दमखम
श्रीमती सोनिका जाटव ने न केवल उच्च शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर की अनुशासनात्मक गतिविधियों में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है:
शैक्षणिक योग्यता: उन्होंने शासकीय गीतांजलि कॉलेज, भोपाल से बीएससी (B.Sc.) की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने बीपीएड (B.P.Ed.) और आरकेडीएफ कॉलेज, भोपाल से एमबीए (HR Management) की उच्च शिक्षा पूरी की।
सैन्य प्रशिक्षण (NCC): उन्होंने देश के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय कैडेट कोर में शामिल होकर एनसीसी ‘C’ (NCC C) सर्टिफिकेट हासिल किया है, जो उनकी अनुशासन और नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है।
कराटे में अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर पर जीते गोल्ड मेडल, बढ़ाया क्षेत्र का मान
खेल के मैदान पर श्रीमती सोनिका जाटव की उपलब्धियां बेहद असाधारण और गौरवमयी रही हैं। कराटे की विधा में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए उन्होंने कई प्रतिष्ठित पदक अपने नाम किए हैं:
इंटरनेशनल गोल्ड मेडल: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करते हुए कराटे में स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) जीता।
नेशनल गोल्ड मेडल: राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भी स्वर्ण पदक हासिल कर अपनी श्रेष्ठता साबित की।
स्टेट व इंटर स्टेट गोल्ड मेडल: राज्य और इंटर-स्टेट स्तर पर भी उन्होंने लगातार स्वर्ण पदक जीतकर क्षेत्र का नाम खेल जगत में चमकाया है।
महिलाओं और युवाओं के लिए बनीं मिसाल
सामाजिक व राजनीतिक रूप से सक्रिय और जनसेवा के लंबे अनुभव वाले परिवार से ताल्लुक रखने वाली श्रीमती सोनिका जाटव क्षेत्र में विभिन्न सामाजिक और जनहित कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। वे समय-समय पर महिला सशक्तिकरण, शिक्षा जागरूकता अभियान, स्वास्थ्य शिविर और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक व शैक्षणिक कार्यक्रमों में अग्रणी भूमिका निभाती हैं।
”मेरा उद्देश्य शिक्षा, खेल और समाजसेवा के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है और युवाओं व महिलाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देना है।”
— श्रीमती सोनिका जाटव
जनता और प्रबुद्ध वर्ग ने की सराहना
सोनिका जाटव के कार्यों को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं:
स्थानीय नागरिक: “श्रीमती सोनिका जाटव जैसी होनहार बेटियां हमारे पूरे क्षेत्र का गौरव हैं।”
शिक्षक वर्ग: “वह शिक्षा के साथ-साथ समाज और खेल में जो सराहनीय कार्य कर रही हैं, वह वास्तव में अनुकरणीय है।”
सामाजिक कार्यकर्ता: “उनकी सकारात्मक सोच और कार्यशैली आज के युवाओं के लिए प्रेरणा का एक बेहतरीन स्रोत है।”
आगे की राह
अपनी भविष्य की योजनाओं को साझा करते हुए श्रीमती सोनिका जाटव ने संकल्प दोहराया कि वे आगे भी शिक्षा, खेल और समाजसेवा के क्षेत्र में निरंतर कार्य करती रहेंगी और क्षेत्र के समग्र विकास में अपना अमूल्य योगदान देती रहेंगी। उनकी इन शानदार खेल उपलब्धियों और मेडल जीतने पर पूरे क्षेत्रवासियों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।





