जिला अस्पताल के डाक्टर छोड़ रहे नौकरी

Doctors In Betul – बैतूल – विधानसभा चुनाव 2023 की राजनैतिक पार्टियां तैयारियां शुरू कर चुकी है। सत्ता पक्ष भाजपा जहां जनता तक अपनी योजनाओं को पहुंचाने में लगी है। तो वही कांग्रेस भी आक्रमक दिख रही है और भाजपा को घेरने के लिए मुद्दे तलाश रही है।
ऐसे में कांग्रेस को डॉक्टरो की कमी का मुद्दा मिल गया है। जो चुनाव के समय मुद्दा बनेगा। बैतूल जिला अस्पताल से हर साल डॉक्टर कम होते जा रहे है। इस साल दो डॉक्टरो ने इस्तीफा देकर नौकरी छोड़ दी है। जिससे डॉक्टरो की और कमी हो गई है।
41 डॉक्टरो की कमी है जिला अस्पताल मे | Doctors In Betul
जिला अस्पताल में डॉक्टरो की भारी कमी है जिसके कारण यहां सेवाएं दे रहे डॉक्टर भी परेशान है, उनके उपर वर्कलोड ज्यादा है। असल में जिला अस्पताल मे पूरे जिले से मरीज आते है ऐसे मे मरीजो की संख्या ज्यादा रहती है और उनको अटेंड करने वाले डॉक्टरो की संख्या कम रहती है। बैतूल मे जिला अस्पताल में 62 डॉक्टरो के पद स्वीकृत है इसमे मात्र 21 डॉक्टर ही कार्यरत है।
प्रथम श्रेणी के 31 स्वीकृत पद की तुलना मे सिर्फ 11 डॉक्टर ही कार्यरत है 20 पद रिक्त है। द्वितिय श्रेणी के 18 पद स्वीकृत है। लेकिन मात्र 10 डॉक्टर ही कार्यरत है इसमे भी 8 डॉक्टर की कमी है। ट्रामा सेंटर में 6 पद स्वीकृत है। लेकिन यहां 6 ही पद रिक्त है।
इन डॉक्टरो ने छोड़ी नौकरी | Doctors In Betul
जिला अस्पताल से हर साल डॉक्टर कम हो रहे है। कोरोना काल में कोरोना नोडल का कार्य कर रहे डॉक्टर सौरभ राठौर ने 31 जनवरी 2023 को पारिवारिक जिम्मेदारियों का हवाला देते हुए इस्तीफा देकर नौकरी छोड़ दी। भले ही उन्होंने पारिवारिक जिम्मेदारियो का हवाला दिया हो ।
चर्चा है कि डॉक्टर सौरभ राठौर ने शहर के एक निजी अस्पताल में ज्वाईन कर लिया है। इसके अलावा शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर निलेश धोटे संविधा नियुक्ति पर थे उन्होने 1 मार्च 2023 को इस्तीफा देकर नौकरी छोड़ दी। इनके बारे मे चर्चा है कि इन्होंने अपना निजी क्लीनीक खोल लिया है।
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रोकने का नही होता प्रयास | Doctors In Betul
करोड़ों रूपए की लागत से बने नए अस्पताल भवन में डॉक्टरो की कमी को पूरा नही किया जा रहा है। यहां से जाने वाले डॉक्टरो को रोकने की कोशिश भी नही की जा रही है।
अगर पिछला रिकार्ड देखा जाए तो यहा से कई अच्छे डॉक्टर बाहर चले गए है जिनमें डॉ. राहुल श्रीवास्तव, डॉ. रजनीश शर्मा, डॉ. श्याम सोनी, डॉ. मनोज अग्रवाल, डॉ. नूतन राठी, डॉ. नितिन राठी, डॉ. नितिन मौसिक, डॉ. प्रकाश देशमुख, डॉ. सतीष रघुवंशी, डॉ. कृष्णा मौसिक, डॉ. मेघा वर्मा, डॉ. रूपल श्रीवास्तव का नाम शामिल है, इन्हें रोकने की भी कोशिश नहीं की गई। इसके अलावा जिला अस्पताल की दो महिला डॉ. अंकिता सीते और डॉ. सोनल डागा पीजी करने मेडिकल कॉलेज गई है। जिससे उनके पद भी रिक्त है।





