खबरवाणी
चंदेरी की साख पर बट्टा लगाता बेखौफ अवैध आलीशान ‘द सिल्क रूट रिसोर्ट’…..
बिना टीएनसीपी सरकारी अनुमतियों के खुलेआम जारी है मैरिज गार्डन और रिसोर्ट का अवैध धंधा….
अशोकनगर। अपनी समृद्ध ऐतिहासिक विरासत, भव्य किलों और विश्वप्रसिद्ध चंदेरी साड़ियों के लिए पूरी दुनिया में एक खास पहचान रखने वाली पर्यटन नगरी चंदेरी की छवि को कुछ अवैध कारोबारी और जिम्मेदार महकमों की सांठगांठ मिलकर धूमिल करने पर तुले हैं। इतिहास और संस्कृति के संगम चंदेरी को शर्मसार करने वाला ऐसा ही एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां बिना किसी वैध दस्तावेज, बिना फायर एनओसी और नगर तथा ग्राम निवेश की बिना किसी अनुमति के ‘द सिल्क रूट रिसोर्ट’ धड़ल्ले से संचालित किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि यह संस्थान न सिर्फ एक रिसोर्ट के रूप में विदेशी और देशी पर्यटकों को लुभाकर उनसे मोटी रकम ऐंठ रहा है, बल्कि बिना सुरक्षा मानकों के इसका धड़ल्ले से मैरिज गार्डन के रूप में भी व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। यह पूरी तरह से कानून, जनसुरक्षा और सरकारी राजस्व को ठेंगा दिखाने जैसा है।
सरकारी नियमों और प्रावधानों की धज्जियां उड़ाती इस मनमानी की पोल तब खुलती है जब आप नगर तथा ग्राम निवेश की आधिकारिक ऑनलाइन वेबसाइट का रुख करते हैं। रिकॉर्ड खंगालने पर पता चलता है कि चंदेरी क्षेत्र में एक भी मैरिज गार्डन या रिसोर्ट वैध रूप से पंजीकृत नहीं है। इसके बावजूद ‘द सिल्क रूट रिसोर्ट’ का बेधड़क और खुलेआम संचालित होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। नियमों के मुताबिक, किसी भी कमर्शियल रिसोर्ट या मैरिज गार्डन के निर्माण और संचालन से पहले भूमि का डायवर्जन नगर एवं ग्राम निवेश की मंजूरी, स्थानीय निकाय की अनुमति, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का अनापत्ति प्रमाण पत्र और सबसे महत्वपूर्ण फायर सेफ्टी एनओसी अनिवार्य होती है। लेकिन कथित तौर पर ‘द सिल्क रूट रिसोर्ट’ में इनमें से अधिकांश अनुमतियों का दूर-दूर तक कोई अता-पता नहीं है। यदि कल को इस बिना अनुमति संचालित रिसोर्ट में कोई बड़ी आगजनी या अनहोनी घटित हो जाती है, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे और मासूमों की बलि चढ़ने का इंतजार कर रहा है। चंदेरी का नाम देश-विदेश के पर्यटन मानचित्र पर बेहद सम्मान के साथ लिया जाता है। दूर-दराज से आने वाले पर्यटक और वैवाहिक आयोजनों के लिए आने वाले लोग ऐसे अवैध रिसोर्ट के भ्रामक विज्ञापनों और दावों के जाल में फंस जाते हैं। सुरक्षा और वैध मानकों के अभाव में संचालित यह रिसोर्ट न केवल पर्यटकों के साथ छलावा कर रहा है, बल्कि यदि यहां कोई अप्रिय घटना घटती है तो उसका सीधा असर चंदेरी के सदियों पुराने गौरव और पर्यटन उद्योग पर पड़ेगा।
सबसे बड़ा और तीखा सवाल अशोकनगर जिला प्रशासन, स्थानीय नगरपालिका और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर उठता है। शहर के मुख्य क्षेत्र में बड़े-बड़े होर्डिंग लगाकर, मैरिज गार्डन और रिसोर्ट का व्यावसायिक विज्ञापन कर खुलेआम धंधा चलाया जा रहा है, लेकिन संबंधित अधिकारियों की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ रही क्या जिम्मेदारों को टीएनसीपी नियमों का खुलेआम हो रहा यह उल्लंघन नजर नहीं आता। क्या राजस्व चोरी और बिना अनुमतियों के संचालित इस बड़े परिसर पर कार्रवाई करने से प्रशासन के हाथ कांप रहे हैं। या फिर इस अवैध कारोबार को किसी रसूखदार की शह और प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है यदि प्रशासन वास्तव में चंदेरी की ऐतिहासिक साख को बचाना चाहता है और कानून का राज कायम रखना चाहता है, तो ‘द सिल्क रूट रिसोर्ट’ को तत्काल प्रभाव से सील किया जाना चाहिए, इसके अवैध ढांचे पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और बिना अनुमति के व्यावसायिक गतिविधियों से कमाए गए अवैध मुनाफे और राजस्व चोरी का हिसाब चुकता कराया जाना चाहिए। अब देखना यह है कि प्रशासन इस अवैध धंधे पर लगाम लगाता है या मौन रहकर इस बदनामी का हिस्सेदार बना रहता है।
इनका कहना है –
रिकॉर्ड देखे बिना स्थिति स्पष्ट नहीं की जा सकती। नियम अनुसार 50 से अधिक क्षमता वाले मैरिज गार्डनों/होटलों का पंजीकरण अनिवार्य है। शिकायत मिलने पर नियमानुसार जांच व कार्रवाई की जाएगी। आपने जिस रिजॉर्ट की बात की उसके डॉक्यूमेंट भी में दिखवा लेता हूं।
प्रदीप शर्मा
सीएमओ, नपा चंदेरी





