खबरवाणी
चंदेरी में अवैध होटल, रिसॉर्ट और रेस्टोरेंट का फलता-फूलता कारोबार क्या स्थानीय निकाय कसेगा शिंकजा…
बिना एनओसी और सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर चल रहे व्यावसायिक संस्थान; सुरक्षा, राजस्व और पर्यावरण पर मंडराया संकट……
अशोक नगर। जिले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर के रूप में विख्यात पर्यटक नगरी चंदेरी ने बीते कुछ वर्षों में पर्यटन के मानचित्र पर एक नई पहचान बनाई है। अपनी अनूठी चंदेरी साड़ियों, भव्य किले, ऐतिहासिक बावडियों और सुरम्य प्राकृतिक वादियों के लिए प्रसिद्ध इस नगरी में हर साल देश-विदेश से हजारों पर्यटकों का आगमन होता है। राज्य सरकार और पर्यटन विभाग द्वारा चंदेरी में पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों के बाद यहाँ वाणिज्यिक गतिविधियों में तेजी से इजाफा हुआ है। पर्यटकों की बढ़ती संख्या को भुनाने के लिए चंदेरी शहर और इसके आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में होटल, लॉज, रेस्टोरेंट, लग्जरी होमस्टे और फाइव स्टार सुविधाओं का दावा करने वाले रिसॉर्ट्स की बाढ़ सी आ गई है। पर्यटन के इस विस्तार ने स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति तो दी है, लेकिन इसके साथ ही एक गंभीर और गैर-कानूनी पहलू भी उजागर होकर सामने आ रहा है।
स्थानीय स्तर पर बढ़ रहे इस कमर्शियल नेटवर्क के बीच एक बड़ा कड़वा सच यह है कि इनमें से कई होटल, लॉज और रिसॉर्ट बिना किसी वैध अनुमति के धड़ल्ले से चलाए जा रहे हैं। कथित तौर पर चंदेरी क्षेत्र में संचालित हो रहे कई लग्जरी रिसॉर्ट्स और होटलों के पास जिला प्रशासन, नगर पालिका या संबंधित ग्राम पंचायतों से आवश्यक एनओसी तक नहीं है। कई होटलों और रिसॉर्ट्स में आग से बचाव के लिए जरूरी फायर फाइटिंग सिस्टम और इमरजेंसी एग्जिट तक उपलब्ध नहीं हैं, जो कभी भी किसी बड़े हादसे का सबब बन सकते हैं।कृषि भूमि या हरित पट्टी के रूप में चिह्नित जमीनों पर बिना डायवर्जन कराए ही बहुमंजिला होटल और रिसॉर्ट तान दिए गए हैं।कचरा प्रबंधन और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट न होने के कारण कई संस्थान गंदगी और दूषित पानी को आसपास के नालों और प्राकृतिक स्रोतों में बहा रहे हैं। वही सबसे प्रमुख ओर महत्वपूर्ण बिंदु यह है कि बिना उचित रजिस्ट्रेशन के संचालित हो रहे इन संस्थानों में ठहरने वाले पर्यटकों की पहचान का सही रिकॉर्ड नहीं रखा जाता, जिससे कानून-व्यवस्था और सुरक्षा पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा होता है।
ऐतिहासिक चंदेरी की आड़ में फल-फूल रहे इस अवैध कारोबार को लेकर सवाल यह उठता है कि क्या स्थानीय निकाय इन अवैध गतिविधियों से बेखबर हैं, या फिर सब कुछ जानते हुए भी आंखें मूंदे हुए हैं पर्यटन के नाम पर नियमों को ताक पर रखकर चलाई जा रही इन व्यावसायिक गतिविधियों से न केवल शासन को राजस्व की भारी क्षति हो रही है, बल्कि चंदेरी की सुरक्षा और छवि पर भी खतरा मंडरा रहा है। यदि किसी अनधिकृत रिसॉर्ट में कोई अप्रिय घटना या सुरक्षा संबंधी हादसा हो जाता है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। पर्यटन नगरी चंदेरी की साख और यहाँ आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोपरि है। विकास और पर्यटन को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है, लेकिन कानून और मापदंडों की बलि चढ़ाकर अवैध कारोबार को पनपने देना कतई स्वीकार्य नहीं हो सकता। अब यह देखने वाली बात होगी कि अशोकनगर जिला प्रशासन इस दिशा में कब और कितनी सख्त कार्रवाई अमल में लाता है। आगे आने वाले अंकों में खबर वाणी समाचार पत्र होटल रेस्ट्रॉन्ट ऑर फाइव स्टार रिसोर्ट का नाम सहित कमियाँ उजागर करेगा।





