खबरवाणी
किसानों के मुद्दों पर शाहपुर में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, शराब की कथित अवैध सप्लाई का मुद्दा भी गरमाया
खाद, बिजली, रेत खनन समेत सात सूत्रीय मांगों को लेकर रैली; वाटर कैनन के बाद हंगामा, 12 कांग्रेस कार्यकर्ता हिरासत में
शाहपुर। किसानों की विभिन्न समस्याओं और जनहित के मुद्दों को लेकर बुधवार को शाहपुर में युवा कांग्रेस के नेतृत्व में उग्र प्रदर्शन किया गया। जनपद पंचायत कार्यालय से एसडीएम कार्यालय तक निकाली गई रैली के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मध्यप्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। तहसील मैदान पहुंचने पर पुलिस द्वारा वाटर कैनन का इस्तेमाल किए जाने के बाद प्रदर्शनकारी आक्रोशित हो गए और बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास करने लगे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने युवा कांग्रेस मध्यप्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार, जिला युवा कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष कमलेश यादव, ब्लॉक अध्यक्ष पिंटू वरकड़े, अविनाश भलावी, अमित तिवारी, प्रदीप कोकाटे, भोला पुंडे सहित 12 कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया।
सात सूत्रीय मांगों में किसानों के साथ शराब का मुद्दा भी शामिल
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने, ई-टोकन व्यवस्था में सुधार, खाद की कालाबाजारी पर रोक, स्वच्छ भारत मिशन की लंबित राशि के भुगतान, छात्रावासों में पारदर्शी प्रवेश, अवैध रेत खनन पर रोक और ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती बंद करने की मांग उठाई। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में कथित अवैध शराब सप्लाई का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों में गांव-गांव शराब की उपलब्धता चिंता का विषय बनती जा रही है और इस पर प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है।
थाने के बाहर भी उठा शराब का मुद्दा
हिरासत के बाद थाने के बाहर एकत्रित कांग्रेस नेताओं ने मीडिया से चर्चा करते हुए गांव-गांव शराब पहुंचने के मुद्दे पर सरकार और प्रशासन को घेरा।
प्रदेश उपाध्यक्ष आरजीपी आरएस डा. रमेश काकोड़िया ने कहा, आदिवासी अंचल के गांवों तक शराब पहुंचने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। गांवों में आसानी से शराब उपलब्ध होने से युवाओं और मजदूर वर्ग में नशे की प्रवृत्ति बढ़ रही है। सरकार एक ओर नशामुक्ति की बात करती है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में शराब की उपलब्धता को लेकर उठ रहे सवालों पर प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही। प्रशासन को इस मामले की गंभीरता से जांच कर ठोस कदम उठाने चाहिए।
कई दिनों से चर्चा में है मुद्दा
पिछले कई दिनों से क्षेत्र में शराब दुकानों पर कथित ओवररेटिंग, बिल नहीं देने, रेट लिस्ट नहीं लगाने तथा चोपना,बीजादेही, सोनादेह, ढोढरामऊ, डाबरी, बानाबेहड़ा, घपाड़ा, कछार, हांडीपानी, गुरगुंदा, निशाना, पाठई और बरजोरपुर सहित कई गांवों में शराब की उपलब्धता को लेकर शिकायतें चर्चा का विषय बनी हुई हैं।कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि ग्रामीण क्षेत्रों में शराब की उपलब्धता को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं, तो संबंधित विभागों को संयुक्त अभियान चलाकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
आंदोलन और तेज करने की चेतावनी
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि किसानों और आमजन से जुड़े मुद्दों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में शराब की उपलब्धता को लेकर उठाए गए सवालों पर भी ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
बड़ा सवाल
जब किसानों के मुद्दों के साथ गांव-गांव शराब की उपलब्धता का मामला भी अब सड़क पर उतर आया है, तो क्या प्रशासन इन शिकायतों की जांच कर स्थिति स्पष्ट करेगा, या यह मुद्दा आगे और बड़ा आंदोलन बनेगा?
प्रदर्शन में , हेमंत बागद्रे पूर्व जिला अध्यक्ष जनपद सदस्य संजू वट्टी नितिन महतो, मुन्ना यादव,ओम कवडकर, अंकुश मिश्रा, एनएसयूआई जिला उपाध्यक्ष आयुष शुक्ला, सिद्धिक कुरैशी, , सरपंच शेखर कुमरे, सोनू धुर्वे, किसान नेता राजेश साहू, युवा कांग्रेस के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष प्रदीप कोकाटे, जिला महासचिव भोला पुंडे, आमला ब्लॉक अध्यक्ष मनीष नागले, आदिवासी कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष शाहपुर नीलेश करोचे, मध्यप्रदेश आदिवासी विकास परिषद ब्लॉक अध्यक्ष शाहपुर अविनाश भलावी, देवचंद यादव, कमल पटेल, परसराम सरयाम, रमेश परते, सरपंच धनराज इवने, किसान नेता रामदयाल वामनकर, किसान नेता अशोक वरकड़े, जामसिंह धुर्वे, देवीदीन यादव, कमलेश मर्सकोले, नवल धुर्वे, सुनील यादव, वरिष्ठ कांग्रेस नेता टांगना तथा कमलेश काकोड़िया सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और किसान मौजूद रहे





