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​’खाकी’ बनी बच्चों की दोस्त

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खबरवाणी

​’खाकी’ बनी बच्चों की दोस्त

समर कैंप के नन्हे जांबाजों ने जाना पुलिस का फर्ज, चॉकलेट और मुस्कान के साथ दूर हुआ डर!

नरसिंहपुर। भीषण गर्मी की चिलचिलाती धूप के बीच स्थानीय बच्चों के लिए यह ग्रीष्मकालीन छुट्टियां बेहद रोमांचक, ज्ञानवर्धक और यादगार साबित हो रही हैं। नगर के समर कैंप में भाग ले रहे लगभग 135 बच्चों के लिए आज का दिन बेहद खास रहा। खो-खो, जूडो और वॉलीबॉल जैसे खेलों की ट्रेनिंग ले रहे इन बच्चों ने जब खेल के मैदान से निकलकर कोतवाली थाने का रुख किया, तो पुलिस और बच्चों के बीच एक बेहद खूबसूरत और शानदार तालमेल देखने को मिला।

​जब कोतवाली थाने पहुंची ‘बाल सेना

​समर कैंप के आयोजकों की एक अनूठी पहल पर जब 135 बच्चों की यह ‘बाल सेना’ कोतवाली थाने पहुंची, तो परिसर का माहौल पूरी तरह जीवंत हो उठा। शुरुआत में बच्चों के चेहरों पर थोड़ी हिचक और उत्सुकता थी, लेकिन पुलिस अधिकारियों के गर्मजोशी से भरे और दोस्ताना व्यवहार ने पल भर में बच्चों का दिल जीत लिया। खाकी वर्दी का जो डर बच्चों के मन में था, वह चंद मिनटों में ही गहरी दोस्ती में बदल गया।
​चॉकलेट, मुस्कान और पुलिस की पाठशाला
​थाना प्रभारी गौरव चाटे और उनकी टीम ने बच्चों को पूरे थाने का भ्रमण कराया और बेहद सरल व मजेदार अंदाज में पुलिस की कार्यप्रणाली समझाई।
​महिला एवं बाल हेल्प डेस्क बच्चों को बताया गया कि वे बिना किसी झिझक के यहाँ अपनी बात रख सकते हैं।
​लॉक-अप और मालखाना: अपराधियों को कहाँ रखा जाता है और जब्त सामान कहाँ सुरक्षित रहता है, इसे बच्चों ने बड़ी उत्सुकता से देखा।
​डायल 112 की ताकत: संकट के समय त्वरित मदद के लिए बच्चों को आपातकालीन नंबर 112 के इस्तेमाल के प्रति जागरूक किया गया।
​सवाल-जवाब का दौर: इस दौरान बच्चों का उत्साह देखने लायक था। कुछ साहसी बच्चों ने जब पुलिस के हथियारों और वायरलेस सेट के बारे में पूछा, तो पुलिस अंकल ने भी मुस्कुराते हुए उनके सभी कौतूहल शांत किए।
​”अब डर नहीं लगता!” – खिले बच्चों के चेहरे
​आमतौर पर बच्चों को पुलिस के नाम से डराया जाता है, लेकिन इस शानदार मुलाकात ने बच्चों का नजरिया पूरी तरह बदल दिया। समर कैंप की छात्रा शालिनी सोनी, मान्या नौरिया और छात्र जितेंद्र दुबे ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा
​”हमें पहले पुलिस से बहुत डर लगता था, लेकिन आज पुलिस अंकल ने हमसे बहुत प्यार से बात की। हमें चॉकलेट भी दी और बहुत सी अच्छी बातें सिखाईं। अब पुलिस से डर नहीं, बल्कि उनसे दोस्ती का अहसास होता है।”

​आयोजकों और अभिभावकों ने जताया ​समर

​समर कैंप के मुख्य प्रशिक्षक ने इस शैक्षणिक भ्रमण को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि खेल जहाँ बच्चों को शारीरिक रूप से मजबूत बना रहे हैं, वहीं ऐसे अनुभव उन्हें एक जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने की सीख देते हैं। अभिभावकों ने भी पुलिस प्रशासन की इस संवेदनशीलता और अनूठी पहल की दिल खोलकर सराहना की।

​खाकी का संदेश

​”पुलिस आपकी मित्र है और आपकी सुरक्षा लिए हमेशा तत्पर रहती है। बच्चों को कभी भी किसी संकट में घबराने की जरूरत नहीं है, हम हमेशा आपके साथ हैं।”
— गौरव चाटे, थाना प्रभारी कोतवाली, नरसिंहपुर

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