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आंधी-तूफान से तबाह फसलों के बीच किसानों के साथ खड़ी दिखीं अर्चना चिटनिस, खेतों में पहुंचकर लिया जायजा

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खबरवाणी

आंधी-तूफान से तबाह फसलों के बीच किसानों के साथ खड़ी दिखीं अर्चना चिटनिस, खेतों में पहुंचकर लिया जायजा

बुरहानपुर। 24 मई 2026 को बुरहानपुर जिले में आए तेज आंधी, तूफान एवं खराब मौसम ने किसानों की मेहनत पर बड़ा संकट खड़ा कर दिया। जिले के कई गांवों में खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह प्रभावित हो गईं। किसानों की इस पीड़ा को देखते हुए विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) स्वयं प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचीं और खेतों में जाकर नुकसान का जायजा लिया। श्रीमती चिटनिस ने उच्चाधिकारियों से चर्चा कर आंधी-तूफान से प्रभावित क्षेत्रों के खेतों में फसलों का आंकलन करने की बात कही और किसानों को आश्वासन दिया कि नुकसान की भरपाई हेतु वह हर संभव मदद करेंगी। इस दौरान श्रीमती चिटनिस के साथ अनेक जनप्रतिनिधिगण, ग्रामीण व कृषकगण मौजूद रहे।
श्रीमती अर्चना चिटनिस ने ग्राम गव्हाना में किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। खेतों में बड़ी संख्या में गिरे केले के पौधे, बर्बाद फसलें और परेशान किसानों की स्थिति देखकर उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल सर्वे करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि किसान पूरे वर्ष मेहनत कर फसल तैयार करता है, लेकिन प्राकृतिक आपदा ने उसकी उम्मीदों को गहरा आघात पहुंचाया है। ऐसे समय में प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि किसानों को राहत मिल सके। विगत दिवस आए तेज आंधी, तूफान एवं खराब मौसम ने ग्राम लोनी, हतनूर, गव्हाना, नागुलखेड़ा, नेर एवं बादखेड़ा सहित विभिन्न ग्रामों में नुकसान होने की जानकारी प्राप्त हो रही है।
श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कलेक्टर हर्षसिंह से चर्चा कर राजस्व, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की संयुक्त टीम गठित कर तत्काल सर्वे कराने बात कही। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर केले की फसल पूरी तरह जमीन पर गिर चुकी है तथा कुछ पौधे बाहर से सुरक्षित दिखाई देने के बावजूद अंदर से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
श्रीमती चिटनिस ने कहा कि केला फसल इतनी संवेदनशील फसल है कि एक बार पेड़ हिल जाए तो भी ग्रोट रूक जाती है और वह क्षतिग्रस्त हो जाता है। फसलें तो तेज हवा एवं तूफान के कारण आड़ी गिर गई है, जमीन पर सो गई है। जो पेड़ जमीन पर सो गए है वे भी मृत है और जो पेड़ खडे़ तो दिख रहे है परंतु वे भी मृतप्राय है जो दो-चार दिवस में समाप्त हो जाएगा। सर्वे दल खोड (केले का पौधा) की गणना न करते हुए अनिवार्य रूप से प्रतिशत में क्षतिपूर्ति का आंकलन करें। किसानों की हितैषी भाजपा सरकार द्वारा 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान होने पर 2 लाख रूपए प्रति हेक्टेयर मुआवजे का प्रावधान किया गया है।
श्रीमती अर्चना चिटनिस ने प्रशासन को निर्देशित करते हुए कहा कि सर्वे कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और प्रभावित किसानों को शीघ्र राहत राशि उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि हर स्तर पर लगातार प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वे किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए सतत प्रयास कर आरबीसी 6/4 के अंतर्गत क्षतिपूर्ति मुआवजा मिले यह सुनिश्चित करेंगी।
इस दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष गजानन महाजन, जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रदीप पाटिल, एसडीएम अजमेसिंह गौड़, तहसीलदार प्रवीण ओहरिया, योगेश महाजन, विनोद कोली, भास्कर पाटिल, गोपाल गहुले, मनोहर पाटिल, नितिन पाटिल, विजय गहुले, प्रमोद पाटिल, जितेन्द्र पाटिल, राहुल गहुले, सागर कोली, रूपेश लिहनकर, दीपक महाजन, योगेश महाजन एवं प्रविण घेटे सहित प्रशासनिक एवं मैदानी अमला मौजूद रहा। अधिकारियों ने खेतों में पहुंचकर नुकसान का आकलन किया तथा किसानों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

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