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सफलता से दूर रखते हैं ये 3 दोष – पं. श्रीराम शर्मा आचार्य की प्रेरणादायक सीख

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आलस्य और टालमटोल बनते हैं सबसे बड़े दुश्मन

Pt. Shriram Sharma Acharya के अनुसार जो लोग हर काम को “कल कर लेंगे” सोचकर टालते रहते हैं, सफलता उनसे हमेशा दूर भागती है। ऐसे लोग बड़े सपने तो देखते हैं, लेकिन मेहनत करने में पीछे रह जाते हैं। देसी भाषा में कहें तो “आलसी आदमी की किस्मत भी सुस्त पड़ जाती है।” समय पर काम न करने की आदत धीरे-धीरे इंसान का आत्मविश्वास खत्म कर देती है। इसलिए जरूरी है कि रोज का काम उसी दिन पूरा करने की आदत डालें।

दूसरों में कमी निकालने वाले कभी आगे नहीं बढ़ते

कुछ लोग दिनभर बस दूसरों की बुराई और कमी निकालने में लगे रहते हैं। उन्हें हर आदमी में दोष दिखता है, लेकिन अपनी गलतियां नजर नहीं आतीं। आचार्य जी कहते थे कि ऐसा इंसान अपनी ऊर्जा बेकार की बातों में गंवा देता है। गांव-देहात में एक कहावत खूब बोली जाती है – “दूसरों का चूल्हा झांकने वाला अपना घर ठंडा रखता है।” अगर जीवन में तरक्की चाहिए तो दूसरों की अच्छाइयों को देखना सीखना होगा। रोज कम से कम पांच लोगों की अच्छाई की तारीफ करने की आदत इंसान को अंदर से बदल देती है।

एहसान भूलने वालों के जीवन में सुख नहीं टिकता

जो लोग दूसरों की मदद और उपकार को भूल जाते हैं, वे कभी संतुष्ट नहीं रह पाते। उन्हें हर चीज में कमी दिखाई देती है। ऐसे लोग रिश्तों की गर्माहट खो देते हैं और धीरे-धीरे अकेले पड़ जाते हैं। आचार्य जी ने बताया कि कृतज्ञता यानी शुक्रिया अदा करने की भावना इंसान को भीतर से मजबूत बनाती है। रोज रात को सोने से पहले उन तीन चीजों के लिए धन्यवाद कहना चाहिए जो जीवन में मिली हैं। यही आदत मन में सुकून और खुशहाली लाती है।

समय की कीमत समझना ही असली सफलता मंत्र

आचार्य जी हमेशा कहते थे कि समय सबसे बड़ा धन है। जो इंसान सुबह जल्दी उठता है, ध्यान-प्रार्थना करता है और अनुशासन में जीवन जीता है, उसकी सफलता लगभग तय होती है। देसी अंदाज में कहें तो “जो सुबह जीते, वही जिंदगी जीते।” समय की कदर करने वाला व्यक्ति हर क्षेत्र में आगे निकल जाता है। इसलिए मोबाइल और आलस में समय खराब करने के बजाय अपने लक्ष्य पर ध्यान देना चाहिए।

जीवन बदलने के लिए अपनाएं ये छोटी-छोटी आदतें

पं. श्रीराम शर्मा आचार्य की सीख आज भी लाखों लोगों के जीवन को नई दिशा दे रही है। अगर इंसान आलस्य छोड़ दे, दूसरों की अच्छाइयों को अपनाए और हर छोटी चीज के लिए भगवान का धन्यवाद करे, तो उसका जीवन अपने आप बदलने लगता है। सफलता कोई जादू नहीं, बल्कि अच्छी आदतों का परिणाम है। जब सोच सकारात्मक होती है, मन में प्रेम और कृतज्ञता रहती है, तब खुशियां और तरक्की दोनों कदम चूमने लगती हैं।

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