खबरवाणी
आमला। तिरमहु के खेतों में तांडव, हवाओं ने भड़काई आग; दमकल की मुस्तैदी से खाक होने से बचे आशियाने
वायुसेना और दो नगर पालिकाओं की दमकल गाड़ियों ने पाया काबू, भीषण गर्मी के बीच मचा हड़कंप
आमला । ब्लॉक के ग्राम तिरमहु में रविवार दोपहर आग ने ऐसा तांडव मचाया कि पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। तेज गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच अचानक भड़की आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि आसमान में काले धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर से देखा गया। गनीमत रही कि सूचना मिलते ही वायुसेना और मुलताई-आमला की दमकलें मौके पर पहुंच गईं, वरना कई घरों और सयानी फसलों को अपनी चपेट में ले लेती।
हवा की रफ्तार ने बढ़ाई मुसीबत, किसानों के फूले हाथ-पांव।
दोपहर का वक्त था, जब तिरमहु के एक खेत से धुआं उठना शुरू हुआ। जब तक ग्रामीण कुछ समझ पाते, तेज हवाओं ने चिंगारी को शोले में बदल दिया। आग एक खेत से दूसरे खेत में बिजली की रफ्तार से फैलने लगी। आग को बढ़ता देख किसान बदहवास होकर अपने-अपने खेतों की ओर दौड़े। ट्रैक्टरों और पंपों की मदद से ग्रामीणों ने शुरुआती बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन प्रकृति के रौद्र रूप के सामने सारे प्रयास बौने साबित हुए। किसानों की आंखों के सामने उनकी मेहनत की कमाई राख होने की कगार पर थी।
तीन केंद्रों से पहुंची दमकलें: वायुसेना ने संभाली कमान
हादसे की गंभीरता को देखते हुए तत्काल वायु सेना केंद्र आमला, मुलताई नगर पालिका और आमला नगर पालिका को सूचना दी गई। राहत की बात यह रही कि तीनों स्थानों से दमकल की टीमें तत्परता के साथ रवाना हुईं। संकरे रास्तों और खेतों की उबड़-खाबड़ जमीन के बावजूद दमकल कर्मियों ने मोर्चा संभाला। वायु सेना की दमकल टीम के साथ मिलकर स्थानीय प्रशासन ने करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। यदि देरी होती, तो आग गांव की बस्ती तक पहुंच सकती थी।
खतरे की घंटी: हर साल जलती उम्मीदें, संसाधन अब भी कम
क्षेत्र के किसानों का कहना है कि हर साल गर्मी में आगजनी की घटनाएं बढ़ रही हैं। सूखी घास और फसल अवशेष (नरवाई) आग के लिए ईंधन का काम करते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तहसील स्तर पर संसाधनों को और बढ़ाया जाए, ताकि आगजनी की स्थिति में रिस्पॉन्स टाइम कम हो सके। दमकल कर्मियों की मुस्तैदी की ग्रामीणों ने जमकर सराहना की, क्योंकि उनकी तत्परता से ही करोड़ों की संपत्ति स्वाहा होने से बच गई।





