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चीन का ‘सीक्रेट मिशन’ बेनकाब! एशिया के ‘Strait of Hormuz’ में तैनात किए ‘प्रिडेटर’ डिवाइस

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इंडोनेशिया के लोम्बोक इलाके के पास समुद्र में एक संदिग्ध टॉरपीडो जैसा डिवाइस मिलने से पूरी दुनिया में हलचल मच गई है। यह डिवाइस करीब 3.7 मीटर लंबा बताया जा रहा है, जिसे एक मछुआरे ने अपने जाल में फंसा लिया। जांच में सामने आया कि इसमें चीनी टेक्नोलॉजी लगी हो सकती है।

देसी भाषा में कहें तो – “समंदर में छुपा खेल अब खुलकर सामने आ रहा है!”

एशिया का ‘दूसरा होर्मुज’ क्यों है इतना खास?

इंडोनेशिया के पास मौजूद ये समुद्री रास्ता दुनिया के सबसे व्यस्त ट्रेड रूट्स में से एक माना जाता है। इसे एशिया का ‘दूसरा होर्मुज’ भी कहा जाता है क्योंकि यहां से भारी मात्रा में तेल और व्यापारिक जहाज गुजरते हैं।

अगर यहां कोई जासूसी डिवाइस एक्टिव होता है, तो ये सिर्फ एक देश नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए खतरे की घंटी है।

चीन की चाल: अंडरवॉटर जासूसी का बड़ा गेम

डिफेंस एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह डिवाइस कोई साधारण चीज नहीं, बल्कि अंडरवॉटर मॉनिटरिंग सिस्टम हो सकता है। इसका काम समुद्र के अंदर की गतिविधियों पर नजर रखना, जहाजों की मूवमेंट ट्रैक करना और जरूरी डेटा इकट्ठा करना हो सकता है।

मतलब साफ है – “चीन चुपचाप गेम खेल रहा है और दुनिया को भनक भी नहीं लगने दे रहा!”

अमेरिका और भारत की बढ़ी टेंशन

इस खुलासे के बाद United States और India दोनों की चिंता बढ़ गई है। अमेरिका को डर है कि उसकी नौसेना की मूवमेंट पर नजर रखी जा सकती है, वहीं भारत के लिए यह इंडियन ओशन रीजन में सिक्योरिटी का बड़ा मुद्दा बन सकता है।

भारत के लिए ये खास तौर पर चिंता की बात इसलिए है क्योंकि उसकी ट्रेड और ऊर्जा सप्लाई का बड़ा हिस्सा इसी रूट से जुड़ा है।

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क्या यह आने वाले बड़े टकराव का संकेत?

विशेषज्ञ मानते हैं कि ये घटना सिर्फ शुरुआत हो सकती है। अगर चीन ऐसे डिवाइस लगातार तैनात करता रहा, तो समुद्र में ‘कोल्ड वॉर’ जैसी स्थिति बन सकती है।

देसी अंदाज में समझें – “ऊपर से शांति, अंदर ही अंदर बड़ा खेल चालू है!”

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